
New Delhi, 14 अक्टूबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Wednesday को जारी एक बयान में कहा कि उसने मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार और एक निजी रक्षा कंपनी के प्रमोटर सहित दो अन्य को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है. इन पर सरकारी लाभ के बदले अवैध रिश्वत लेने का आरोप है.
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों की पहचान मेसर्स एसएमपीपी लिमिटेड के सीईओ और निदेशक/प्रमोटर आशीष कंसल और अनिल कुमार के भाई बी. हर्षवर्धन के रूप में हुई है.
सीबीआई के बयान में कहा गया है कि गिरफ्तारियां Tuesday को की गईं.
एजेंसी के अनुसार, पुणे स्थित मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत रहते हुए सरकारी अधिकारी के खिलाफ 12 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी लाभ दिलाने के बदले रिश्वत की मांग करने और स्वीकार करने के लिए कुछ निजी ठेकेदारों और विक्रेताओं के साथ आपराधिक समझौता किया था.
पुणे में अनिल कुमार के परिसर में तलाशी के दौरान सीबीआई ने 1.73 करोड़ रुपए नकद बरामद किए.
मैसूरु, Bengaluru और दिल्ली में आरोपी से जुड़े परिसरों पर आगे की तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 50 लाख रुपए नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए. एजेंसी के अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
एजेंसी ने मीडिया को बताया कि तलाशी में कुल बरामद नकदी लगभग 2.23 करोड़ रुपए है.
सीबीआई लोक सेवक और निजी ठेकेदारों/विक्रेताओं के बीच कथित सांठगांठ और उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनके तहत सरकारी लाभ देने के बदले अवैध रिश्वत की मांग की गई और स्वीकार की गई.
मुनिशंस इंडिया लिमिटेड एक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जो गोला-बारूद और विस्फोटकों के निर्माण में शामिल है. एजेंसी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और उसे मामले से संबंधित और महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है.
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एमएस/
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