सीबीआई की कार्रवाई, बैंक धोखाधड़ी मामले में 18 वर्ष से फरार आरोपी गिरफ्तार

New Delhi, 5 नवंबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में 18 वर्ष से फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.

सीबीआई ने अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि सीबीआई ने Thursday को बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में बिहार के पुनपुन से फरार और घोषित अपराधी राजा बिहारी को गिरफ्तार किया है.

एजेंसी ने बताया कि सीबीआई ने आईपीसी और पीसी एक्ट, 1988 की धाराओं के तहत राजा बिहारी सहित 21 आरोपियों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी का यह मामला दर्ज किया था.

आरोपी राजा बिहारी ने बैंक अधिकारियों और बिचौलियों के साथ मिलीभगत करके, इलाहाबाद बैंक (पाटलिपुत्र कॉलोनी शाखा, Patna) से जाली टाइटल डीड, फर्जी संपत्ति दस्तावेजों और नकली गारंटर क्रेडेंशियल्स के आधार पर सीसी लोन लिया था.

इस मामले से संबंधित जांच के बाद सीबीआई ने 30 अक्टूबर 2009 को राजा बिहारी सहित 21 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. ​​अदालत ने 12 नवंबर 2009 को इस चार्जशीट का संज्ञान लिया. हालांकि, आरोपी राजा बिहारी जांच में शामिल नहीं हुआ. वह शुरुआत से ही फरार रहा और मुकदमे की कार्यवाही से बचता रहा.

बाद में सक्षम अदालत ने आरोपी को ‘घोषित अपराधी’ करार दिया. वहीं, खुफिया जानकारी और लगातार प्रयासों के आधार पर सीबीआई की एक विशेष टीम ने Thursday को बिहार के पुनपुन से घोषित अपराधी राजा बिहारी को ढूंढ निकाला और गिरफ्तार किया.

एक अन्य मामले में सीबीआई ने Wednesday को दिल्ली Police के वांछित भगोड़े सजीर पल्ली मूप्पम को विदेश मंत्रालय (एमईए), गृह मंत्रालय (एमएचए) और दिल्ली Police के साथ मिलकर यूएई से India लाने में बड़ी सफलता हासिल की.

आरोपी दिल्ली Police द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के एक मामले में वांछित था. जांच से पता चला कि आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर 20 वर्षीय एक युवती को जबरन नशीला पदार्थ दे दिया, जिससे वह बेसुध हो गई.

उसकी इस असहाय स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी उसे एक होटल ले गया. पकड़े जाने से बचने के लिए उसने किसी और के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके होटल में चेक-इन किया. इसके बाद उसने पीड़िता के साथ उसकी मर्जी के बिना यौन उत्पीड़न किया, जिसकी पुष्टि बाद में मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट से हुई.

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डीके/डीकेपी