
कोलकाता, 20 सितंबर . पश्चिम बंगाल लेफ्ट फ्रंट की मुख्य पार्टी सीपीआई(एम) ने पूर्वी मिदनापुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए ऑनलाइन चंदा जुटाने के मकसद से social media पर एक संदेश जारी किया है.
सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो के सदस्य और राज्य सचिव मो. सलीम ने social media पर एक अपील शेयर की. इसके साथ एक क्यूआर कोड भी दिया गया है, जिसके जरिए लोग पार्टी के चुनाव फंड में ऑनलाइन योगदान कर सकते हैं.
नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होंगे और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी.
यह अपील ऐसे समय में आई है जब लेफ्ट फ्रंट को अंदरूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर रेजीनगर में. नंदीग्राम में सीपीआई के शांति गोपाल गिरी लेफ्ट फ्रंट के सर्वसम्मत उम्मीदवार हैं, लेकिन रेजीनगर में सीपीआई (एम) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
रेजीनगर में फ्रंट द्वारा सीपीआई(एम) के सैयद असद अली को उम्मीदवार चुने जाने के बाद आरएलपी ने बगावत कर दी और अपना उम्मीदवार विकास चंद्र मिश्रा को मैदान में उतार दिया.
सलीम ने समर्थकों से अपील की, “आगामी रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा उपचुनावों के प्रचार के लिए चुनाव फंड में दान देकर जितना हो सके, मदद करें.”
इस साल की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान भी सीपीआई(एम) ने social media के जरिए फंड की अपील की थी. उस समय तृणमूल कांग्रेस ने ऑनलाइन दान मांगने के लिए सीपीआई(एम) का मजाक उड़ाया था. उनका तर्क था कि यह बात विरोधाभासी है, क्योंकि 1977 से 2011 तक अपने 34 साल के शासनकाल में लेफ्ट फ्रंट ने सरकारी दफ्तरों में कंप्यूटराइजेशन का विरोध किया था.
सीपीआई(एम) नेताओं ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि कई वामपंथी विचारधारा वाले वोटर, जो पार्टी के सक्रिय सदस्य नहीं हैं, वे भी चुनावों के दौरान पार्टी को आर्थिक रूप से समर्थन देना चाहते हैं.
राज्य समिति के एक सदस्य ने कहा, “इस ऑनलाइन दान प्रणाली का मकसद ऐसे वोटरों के लिए दान देना आसान बनाना है. याद रखें, हमारी पार्टी के पास दूसरों की तरह चुनावी बॉन्ड नहीं हैं. हमारी लीडरशिप आम लोगों से मिलने वाली मदद में भरोसा रखती है.”
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एससीएच/डीकेपी
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