सीएम सुवेंदु अधिकारी ने गाड़ी रुकवा कर सुनी बुढ़ापा पेंशन न मिलने की शिकायत, महिला को दिया मदद का भरोसा

कोलकाता, 1 सितंबर . पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में एक बुजुर्ग महिला ने Chief Minister सुवेंद्रु अधिकारी की गाड़ी रुकवाई और उनसे बुढ़ापा भत्ता न मिलने की शिकायत की. इसके बाद Chief Minister ने पार्टी के जिला अध्यक्ष से कहा कि वे उस बुजुर्ग महिला के सभी दस्तावेज उनके ऑफिस भेजें.

इसके बाद बुजुर्ग महिला स्वप्ना दास ने सुवेंदु अधिकारी के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया.

Tuesday सुबह एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सुवेंदु अधिकारी का काफिला जेसोर रोड पर पहुंचा ही था कि भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच खड़ी 68 वर्षीय स्वप्ना दास ‘बाबा दराओ (रुको), बाबा दराओ’ कहते हुए सीएम के काफिले की ओर बढ़ने लगीं.

बुजुर्ग महिला की आवाज सुनकर Chief Minister ने गाड़ी रुकवाई. जैसे ही उन्होंने कार की विंडो का शीशा नीचे किया गया, वह गाड़ी के पास पहुंच गईं.

Chief Minister ने उनसे पूछा, “मां, बताइए आप क्या कहना चाहती हैं? बुजुर्ग महिला ने कहा, “मुझे अन्नपूर्णा भंडार से पैसे नहीं मिलते.” जवाब में Chief Minister ने कहा, “आपको अन्नपूर्णा योजना से नहीं, बल्कि वृद्धावस्था पेंशन योजना (बृद्धोख्या भत्ता) के तहत पैसे मिलेंगे. मैं वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आपके भत्ते का पूरा इंतजाम करूंगा.”

यह सुनकर बुजुर्ग महिला ने Chief Minister के सिर को छुआ और उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा, “मुझे पैसे नहीं, आप मिल गए बाबा, मेरा दिल भर आया है.”

इसके बाद Chief Minister ने पास ही खड़े पार्टी के बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष राजीव पोद्दार को आदेश दिया कि वे वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़े सभी दस्तावेज उन तक पहुंचा दें.

पता चला है कि 68 वर्षीय स्वप्ना दास मध्यमग्राम नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ में श्रीनगर बाजार से सटे इलाके में रहती हैं. उनके पति उन्हें 12 साल पहले छोड़कर चले गए थे. उनका एक ही बेटा, शुभजीत दास (31) है. उसने एम.ए. किया है, लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिली है.

हालांकि, दुर्भाग्य से शुभजीत अब बहुत बीमार है और पूरी तरह से बिस्तर पर है. स्वप्ना के एक रिश्तेदार आर्थिक रूप से उनकी मदद करते हैं. इससे मां और बेटे को किसी तरह अपना गुजारा करने में मदद मिलती है.

उन्हें उम्मीद थी कि बुढ़ापा पेंशन मिलने से उनकी कुछ परेशानियां हल हो जाएंगी. हालांकि, नगरपालिका में बार-बार अर्जी देने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ.

आज यह बुजुर्ग महिला यह सुनकर वहां आई कि सुवेंदु अधिकारी मध्यमग्राम आ रहे हैं. वह मीटिंग वाली जगह से बाहर निकलने के रास्ते पर खड़ी थीं और Chief Minister से मिलकर अपनी बेबसी के बारे में बताना चाहती थीं. Chief Minister की सुरक्षा में तैनात Policeकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया क्योंकि उनके पास कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र नहीं था. आखिरकार, जब Chief Minister का काफिला वहां से निकला तो बुजुर्ग महिला ने भीड़ में से अपना हाथ उठाया और आगे बढ़ती रहीं.

बुजुर्ग महिला इस बात से खुश हैं कि Chief Minister ने उनकी बात सुनी और मदद का भरोसा दिलाया. पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, “Chief Minister ने मुझे भरोसा दिलाया कि वे इसके लिए इंतजाम करेंगे. मैं उन्हें आशीर्वाद दे पाई. इससे मैं बहुत भावुक हूं. मुझे उम्मीद है कि Chief Minister और अच्छा काम करेंगे.”

एससीएच/