सीएम सतीशन ने 2.76 लाख फाइलों को निपटाने की डेडलाइन की निर्धारित, बुजुर्गों के लिए लाएंगे नया बिल

तिरुवनंतपुरम, 10 अक्टूबर . केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने सरकारी दफ्तरों में लंबित 2.76 लाख ई-फाइलों को 31 दिसंबर तक निपटाने के लिए एक समयबद्ध मिशन का ऐलान किया है.

उन्होंने Friday को यह भी घोषणा की कि 12 अक्टूबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने वाला एक बिल लाया जाएगा. प्रस्तावित कानून के तहत बुजुर्गों के लिए एक अलग विभाग भी बनाया जाएगा.

राज्य Government बुजुर्गों की जरूरतों और परिस्थितियों का आकलन करने के लिए एक सर्वे करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें उचित देखभाल और सहायता मिले.

सीएम सतीशन ने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल Government की ही नहीं होगी. स्थानीय निकाय, स्वयंसेवक और अन्य समूह भी वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल में शामिल होंगे. उन्होंने प्रस्तावित कानून को विश्व स्तर पर अपनी तरह की पहली पहल बताया और कहा कि कई राज्यों ने इसमें रुचि दिखाई है.

लंबित फाइलों को निपटाने का अभियान 15 अक्टूबर से शुरू होगा और 31 दिसंबर को समाप्त होगा. इसमें सरकारी कार्यालयों में कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल फाइलें दोनों शामिल होंगी.

राज्य Government फाइलों को बिना कार्रवाई के पड़े रहने से रोकने के तरीकों का भी अध्ययन करेगी. फाइलों की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक डैशबोर्ड भी विकसित किया जाएगा, जिससे Chief Minister और अन्य अधिकारी एक क्लिक पर फाइलों की स्थिति देख सकेंगे.

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य Government के पहले 100-दिवसीय कार्यक्रम के तहत घोषित 588 परियोजनाओं में से 568 पूरी हो चुकी हैं.

Chief Minister सतीशन ने कहा, “बाकी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा होने की सूचना है.” इस कार्यक्रम ने राज्य Government को नई चुनौतियों का सामना करने का विश्वास दिलाया है. उन्होंने इसके कार्यान्वयन में शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों को बधाई दी.

पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन और अन्य से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में First Information Report दर्ज करने के हाईकोर्ट के निर्देश पर सीएम वीडी सतीशन ने कहा कि राज्य Government ने कानूनी जांच के बाद कार्रवाई की है. उन्होंने जल्दबाजी करने के बजाय प्रारंभिक जांच का विकल्प चुना है और कहा कि कानून अपना काम करेगा.

चुनावी रोल के विशेष गहन पुनरीक्षण पर Chief Minister ने कहा कि यूडीएफ ने केरल में इस प्रक्रिया पर सबसे पहले चिंता जताई थी. उन्होंने दावा किया कि न तो सीपीआई-एम और न ही भाजपा ने शुरू में ऐसी आपत्तियां उठाई थीं.

यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए Chief Minister ने कहा कि नीतिगत फैसले पार्टी और गठबंधन नेताओं के साथ परामर्श से लिए जाते हैं. वह आलोचना के लिए तैयार हैं और अगर वह गलत हैं तो खुद को सुधारेंगे.

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एएस