सीएम योगी बोले-2017 से पहले माफिया के सामने नाक रगड़ती थी सरकार

Lucknow, 1 अक्टूबर . Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती Government की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में दुर्दांत माफिया का बोलबाला था. समानांतर Governmentें चलती थीं. माफिया के सामने नाक रगड़ी जाती थी, घुटने टेके जाते थे और Police मजबूर थी. Political नेतृत्व की रीढ़ ही टेढ़ी हो तो वह कानून-व्यवस्था को सीधा कैसे कर सकता है.

Chief Minister योगी आदित्यनाथ Thursday को लोकभवन सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर उन्होंने 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई, वीर Policeकर्मियों को पदक प्रदान किए और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया. Chief Minister ने कहा कि 2017 के बाद Government ने Police सुधारों को आगे बढ़ाया. प्रकाश सिंह ने जिस Police रिफॉर्म की वकालत की थी, उसे उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे पहले लागू किया. प्रदेश में अब सात Police कमिश्नरेट काम कर रहे हैं. आज यूपी Police के सामने विचार, वीरता और तकनीक, तीनों का समन्वय दिखाई दे रहा है. ‘संघर्ष’ के माध्यम से Police सेवा के अनुभव और चुनौतियां सामने आई हैं तो जांबाजों की वीरता का सम्मान हुआ है और सड़क सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन Police बल को समर्पित किए गए हैं.

उन्होंने कहा कि बंद कमरे में बैठकर किसी के प्रति कोई भी टिप्पणी करना आसान है. कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो और उसे अपने पद का कितना भी गुरूर हो, सुरक्षा हटा दी जाए तो अराजकता के माहौल में उसे भीगी बिल्ली बनने में देर नहीं लगेगी. स्वस्थ चिंतन तभी संभव है, जब समाज में सुरक्षा का वातावरण हो. सुरक्षित माहौल में ही समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है. यूपी Police की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ इसी भावना को व्यक्त करती है. जब तराई क्षेत्र आतंकवाद की चपेट में था, तब Police व सेना की सुरक्षा में ही आवागमन संभव था. सूर्यास्त के बाद आवाजाही लगभग बंद हो जाती थी. उस समय डीजीपी के रूप में प्रकाश सिंह ने इन चुनौतियों का सामना किया. Police सुधारों के लिए प्रकाश सिंह को Supreme Court की शरण लेनी पड़ी थी. उत्तर प्रदेश ने Police सुधारों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.

Chief Minister ने कहा कि वैचारिकी केवल शब्द या आलेख नहीं होती, बल्कि वह व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों को भी समाहित करती है. प्रकाश सिंह ने अपने सेवाकाल में पग-पग पर इन चुनौतियों का सामना किया और अपनी पूरी सेवा को कुशलतापूर्वक पूरा किया. लंबे समय तक विभिन्न संस्थानों में व्याख्यानों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने वाली उनकी वैचारिकी अब पुस्तक के रूप में सामने आई है. आचार और विचार में जब समन्वय होता है और दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तभी परिणाम सामने आता है.

सीएम योगी ने 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय ‘यूपी वाला’ कहकर लोगों को बाहर कर दिया जाता था. Police के सामने भी बड़ी चुनौतियां थीं. Political नेतृत्व में स्वयं निर्णय लेने की सामर्थ्य नहीं हो तो कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना कठिन होता है. तब Police सुधार और अवस्थापना सुविधाओं की स्थिति भी बेहतर नहीं थी. एक वर्ष में करीब छह हजार Police कार्मिकों को ही प्रशिक्षण दिया जा सकता था. Policeकर्मियों को टूटे भवनों में रहना पड़ता था. पीएसी की वाहिनियां समाप्त कर दी गई थीं. कोसीकलां, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर समेत कई स्थानों पर दंगों के चलते लंबे समय तक कर्फ्यू लगा. इन्हीं परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश को बीमारू कहा जाने लगा. अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीक और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन सहित विभिन्न क्षेत्रों में चुनौतियां खड़ी थीं. 2017 के बाद इन परिस्थितियों को बदलते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया गया.

सीएम योगी ने कहा कि Police सुधारों के साथ तकनीक का समावेश भी आवश्यक है. सेफ सिटी के लक्ष्य के तहत प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे घटनाओं की रोकथाम और उनके अनावरण में भूमिका निभा रहे हैं. जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं. विचार और व्यवहार के साथ जब तकनीक जुड़ती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं. आज यूपी Police की पहचान में यह बदलाव दिखाई देता है.

Chief Minister ने उत्तर प्रदेश Police के एसटीएफ से जुड़े जांबाज इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन किया. उन्होंने कहा कि India Government ने उनकी वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है और यूपी Police को पहली बार यह गौरव प्राप्त हुआ है. सुनील कुमार सिंह ने 22 जनवरी, 2025 को आमने-सामने की मुठभेड़ में चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया था. इस दौरान वह अपराधियों की गोलियों से गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनका बलिदान हुआ. Chief Minister ने उनकी धर्मपत्नी एवं परिवार के सदस्यों को सम्मानित करते हुए उनकी स्मृति को नमन किया. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 16 Police अधिकारियों एवं कार्मिकों को President के वीरता पुरस्कार तथा 10 Police अधिकारियों एवं कार्मिकों को Chief Minister वीरता पदक से सम्मानित किया गया. Chief Minister ने सभी वीर Policeकर्मियों को बधाई दी.

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एसके/