
Bhopal /नीमच, 20 सितंबर . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने Sunday को बोत्सवाना से लाई गई सीसीबी-2 नाम की मादा चीता को नीमच जिले के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा.
इस मादा चीता को छोड़े जाने के बाद अभयारण्य में चीतों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है. इनमें दो नर और दो मादा चीते हैं. इससे यहां चीतों का कुनबा बढ़ने की उम्मीद भी बढ़ गई है.
Chief Minister ने चीता को छोड़ने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह कदम वन्यजीवों के प्रति Madhya Pradesh की ‘जियो और जीने दो’ की भावना को दर्शाता है. Chief Minister ने वन विभाग और प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के पर्यावरण तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है.
सीएम मोहन यादव ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन में राज्य Government चीता संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है. Chief Minister ने प्रोजेक्ट चीता को न केवल Madhya Pradesh, बल्कि पूरे एशिया के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल बताया.
उन्होंने कहा कि एक समय एशिया में चीते विलुप्त हो गए थे और Madhya Pradesh से भी गायब हो गए थे. यह बहुत सौभाग्य की बात है कि अब चीते एक बार फिर प्रदेश की धरती पर खुले में घूम रहे हैं. फिलहाल, Madhya Pradesh में शावकों सहित कुल 56 चीते हैं.
Chief Minister ने इसे वन विभाग की बड़ी उपलब्धि और वन एवं वन्यजीव संरक्षण में Madhya Pradesh के समृद्ध इतिहास का उदाहरण बताया. उन्होंने राज्य की प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता के संरक्षण में उल्लेखनीय काम करने के लिए वन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी.
सीएम मोहन यादव ने इस बात पर संतोष जताया कि पिछले साल छोड़े गए चीते ‘पावक’ और ‘प्रभास’ स्वस्थ हैं. Chief Minister ने यह भी बताया कि दो दिन पहले ही चार नए चीते यहां पहुंचे थे. इस परियोजना का उद्देश्य करीब 100 साल के अंतराल के बाद चीतों के जीवन चक्र को फिर से स्थापित करना है.
उन्होंने यह भी बताया कि असम से जंगली भैंसे लाए गए हैं. Chief Minister के अनुसार, यह कदम वन्यजीवों को फिर से बसाने के लिए Government की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
इस पहल के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का जिक्र करते हुए Chief Minister ने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय लोगों के जीवन में बदलाव आया है.
शुरुआत में गांव के लोगों के मन में कुछ आशंकाएं थीं, लेकिन समय के साथ स्थिति बेहतर हुई. Chief Minister ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण तभी सफल हो सकता है, जब सभी संबंधित लोगों का सकारात्मक सहयोग मिले.
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एएमटी/डीकेपी
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