सीएम फडणवीस के खिलाफ पोस्ट पर भड़के राम कदम, बोले-सुर्खियों में आने के लिए ऐसी हरकत कर रही कांग्रेस

Mumbai , 1 सितंबर . Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के लिए ‘गेट वेल सून’ वाले Maharashtra कांग्रेस के एक्स पोस्ट पर सियासत गरमा गई है. भाजपा नेता राम कदम ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और इसे सुर्खियों में आने की कोशिश बताया है. साथ ही उन्होंने एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट और राहुल गांधी पर दर्ज First Information Report को लेकर भी कांग्रेस को घेरा.

भाजपा नेता राम कदम ने कहा, “सिर्फ सुर्खियों में आने के लिए Maharashtra कांग्रेस ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, इसमें कोई तर्क नहीं है. क्या सीएम के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना सही है? उनकी रणनीति कन्फ्यूजन पैदा करने की है, उन्हें Lok Sabha चुनाव में कुछ फायदा हुआ था, इसलिए यह पोस्ट बेबुनियाद है. कोई भी इसका समर्थन नहीं करेगा.”

Chief Minister देवेंद्र फडणवीस द्वारा सीजेपी को ‘कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम’ करार देने पर राम कदम ने कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन जब कांग्रेस पार्टी के एजेंडे की बात आती है, तो अगर कांग्रेस मुख्यालय यह तय करता है कि कौन क्या और कैसे करेगा और विरोध के लिए पूरी रणनीति तैयार की जाती है और फिर सीजेपी के लोग उस रणनीति के अनुसार विरोध करते हैं, तो स्वाभाविक रूप से वे सड़कों पर दिखते हैं. लेकिन अगर पूरी रणनीति किसी दूसरे मुख्यालय में तय की जा रही है, तो उसका क्या मतलब निकाला जाना चाहिए?”

Maharashtra एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट पर उन्होंने कहा, “एसआईआर प्रक्रिया एक पारदर्शी प्रक्रिया है. कोई भी घर बैठे अपना नाम रजिस्टर करवा सकता है और बीएलओ घर-घर जा रहे हैं. विपक्ष क्या चाहता है? वोटर लिस्ट में एक ही नाम चार बार आ रहा है और ऐसे लोगों के नाम भी हैं जिनकी मौत हो चुकी है. क्या उन नामों को हटाया नहीं जाना चाहिए? एक ही नाम को चार बार बनाए रखने के पीछे विपक्ष की क्या रणनीति है?”

उत्तराखंड में Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज First Information Report पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा, “राहुल गांधी ने वहां लगाए गए आपत्तिजनक नारों के बारे में गलत नैरेटिव फैलाने की कोशिश की और उन नारों को छिपाने की कोशिश की गई. बाद में, शुद्धिकरण अनुष्ठान के मामले में भी लोगों के मन में गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई. कांग्रेस के लोग क्या चाहते हैं? अगर कोई कानून तोड़ता है या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, तो क्या राहुल गांधी को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया जाना चाहिए क्योंकि वह राहुल गांधी हैं या कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए?”

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