
New Delhi, 27 सितंबर . विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.
भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “कानूनी सुरक्षा ज्ञानेश कुमार या किसी एक मुख्य चुनाव आयुक्त को नहीं बल्कि पूरे चुनाव आयोग को दी गई है. मेरा मानना है कि यह सुरक्षा संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. यह सुनिश्चित करता है कि जो भी Government सत्ता में हो, चुनाव आयुक्तों को निशाना न बनाया जाए. चुनाव आयोग को मुकदमों और झूठे मामलों के जरिए निशाना बनने से रोकने के लिए यह सुरक्षा जरूरी है. हेमंत सोरेन की Government के कार्यकाल में जमशेदपुर में कई कथित अफगान मतदाताओं की पहचान की गई थी, जिसके कारण यह मुद्दा विवादास्पद हो गया है.”
प्रतुल शाहदेव ने एसआईआर को लेकर कहा, “Supreme Court के संरक्षण में बंगाल में एसआईआर किया गया था. ममता बनर्जी ने सनातनियों को टारगेट किया था. ममता बनर्जी की Government इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है और अब दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी.” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से सीईसी के इस्तीफे की बेतुकी मांग की जा रही है. चुनाव आयोग ने सभी चीजों को साफ कर दिया है.
जदयू नेता श्याम रजक ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त सहित बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों ने सारी स्थिति को स्पष्ट कर दिया. इसके बाद कोई सवाल बचता नहीं है. उन लोगों की ओर से सभी सवालों का जवाब दिया गया है. हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की ओर से भी सारी बातों का पटाक्षेप कर दिया गया है. इसके बाद जिन लोगों की ओर से ऐसी बातें की जा रही हैं, उनके पास कोई तर्क और साक्ष्य नहीं है. ऐसे लोगों की बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है.”
‘इंडिया’ गठबंधन को लेकर श्याम रजक ने कहा, “पराजित लोगों की व्याकुलता इतनी चरम सीमा तक पहुंच गई है कि इनको संविधान, नियम और देश की जनता से मतलब नहीं है. सत्ता पर काबिज होने के लिए व्याकुल हैं. देश की जनता के बारे में उनको कोई चिंता नहीं है. इस ‘पराजित’ गठबंधन से हम लोग चिंतित नहीं हैं.”
विपक्ष की ओर से सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के सवाल पर भाजपा नेता राम कदम ने कहा, “हर मामले में India आगे बढ़ रहा है, ऐसे में मुद्दों और तथ्यों के आधार पर मोदी Government की आलोचना नहीं कर सकते. विपक्ष की ओर से लोगों को भ्रमित किया जा रहा है. एसआईआर का विपक्ष के पास कोई सबूत है तो देना चाहिए. मतदाता सूची से मृतकों के नाम हटाने से विपक्ष को क्या आपत्ति है.”
विपक्ष की ओर से सीईसी के इस्तीफे के मांग के सवाल पर जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा, “हम लोग लगातार देख रहे हैं कि विपक्ष एकतरफा आरोप लगा रहा है. अब ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं और उनकी पार्टी भी टूट चुकी है. ऐसे में उन लोगों को जनता के बीच में जाना चाहिए.
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एसडी/पीएम
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