
चंडीगढ़, 10 अक्टूबर . एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जाने पर भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता सिर्फ सुर्खियां बटोरने और Political फायदा उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने से बातचीत में कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे किसे दोषी ठहरा रहे हैं. आम आदमी पार्टी ने खुद वोटों की चोरी की है. नगर निकाय चुनावों के दौरान Supreme Court ने पटियाला, मोगा और बाघा पुराना में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया था, क्योंकि आप ने चुनावों में धांधली की थी, जबरदस्ती नतीजों में हेर-फेर किया था और लोगों के नॉमिनेशन पेपर व फाइलें फाड़ दी थीं. अब वे उसी मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं. उन्हें शर्म आनी चाहिए.”
चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ 42 रिटायर्ड जजों के खुला पत्र लिखकर चेतावनी देने पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “जो लोग एसआईआर पर सवाल उठाते हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि 42 जजों ने लिखित रूप में कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया बिल्कुल सही है और इसे संविधान के अनुसार ही किया जाना चाहिए. इस पर कोई ‘अगर-मगर’ नहीं होना चाहिए.”
भाजपा नेता अमनजोत कौर रामू वालिया ने कहा, “वे (आप) अपनी कमियों को छिपाने के लिए विरोध कर रहे हैं. अगर आम आदमी पार्टी के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो वे विरोध क्यों कर रहे हैं? सीबीआई ने छापेमारी की और Chief Minister के ओएसडी के घर के बाहर नोटिस लगाया गया. गांवों समेत आम जनता को यह बात पता है कि ट्रांसफर के लिए पैसे लिए जा रहे हैं और अन्य तरह से भी पैसे जमा किए गए हैं.”
भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा, “ये लोग (आप नेता) सिर्फ तमाशा कर रहे हैं. पंजाब में लगभग 20 लाख वोट हटाए गए हैं, लेकिन जब से एसआईआर प्रक्रिया शुरू हुई है, मैंने आम आदमी पार्टी की तरफ से ऐसी कोई प्रतिक्रिया या आपत्ति नहीं देखी है. अब वे सिर्फ सुर्खियां बटोरने और Political फायदा उठाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि सीजेपी, कांग्रेस या दूसरी पार्टियां उनसे आगे निकल सकती हैं. अगर उनके दावों में कोई दम होता, तो भाजपा और Government इस मामले पर चर्चा करने और इसे सुलझाने के लिए तैयार होती.”
भाजपा नेता राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा, “ये Political मुद्दे उठाए जा रहे हैं. चुनाव आयोग कानून और संविधान के मुताबिक काम कर रहा है. अगर कुछ भी असंवैधानिक है, तो वे कोर्ट जा सकते हैं. विरोध करने की क्या जरूरत है? हाई कोर्ट और Supreme Court हैं, जो बड़े फैसले सुनाते हैं और अहम कानूनी मामलों को देखते हैं. उन्हें कोर्ट जाना चाहिए.”
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ओपी/एएस
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