सिरसा थाना ग्रेनेड हमला मामला: एनआईए ने 4 और आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया आरोप-पत्र

New Delhi, 18 अक्टूबर . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने Haryana के पंचकूला स्थित विशेष अदालत में 4 आरोपियों के खिलाफ एक पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है. एजेंसी ने Sunday को बताया कि आरोप-पत्र में साजिश और इन 4 आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाओं का विवरण दिया गया है.

एजेंसी ने बताया कि यह मामला 25 नवंबर 2025 को Haryana के सिरसा में महिला Police स्टेशन के पास हुए ग्रेनेड हमले से जुड़ा है. इसमें पंचकूला स्थित विशेष एनआईए अदालत में Saturday को आरोपी राजबीर सिंह उर्फ ​​फौजी, वेद प्रकाश उर्फ ​​पम्मा, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ​​ज्योति और चिराग ठकराल के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया गया.

एनआईए के अनुसार, यह मामला मूल रूप से 26 नवंबर 2025 को Haryana के सिरसा स्थित सिविल लाइन Police स्टेशन में दर्ज किया गया था. बाद में, 30 दिसंबर 2025 को एनआईए ने इसे फिर से दर्ज किया.

मामले में इसी साल 24 मई को एनआईए ने पंचकूला की विशेष अदालत में 9 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था, जिनमें Pakistanी नागरिक शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ ​​सोहेल बलोच भी शामिल थे.

एजेंसी ने कहा कि पूरक आरोप-पत्र में इस साजिश और इन 4 आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाओं का विवरण दिया गया है. साथ ही, आगे की जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों को भी इसमें शामिल किया गया है. इन लोगों पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 61(2) (धारा 109 के साथ पठित) और 238, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम-1908 की धारा 5 और 6, तथा यूए(पी) अधिनियम-1967 की धारा 18, 18बी और 20 के तहत आरोप लगाए गए हैं.

एजेंसी के अनुसार, जांच से पता चला है कि आरोपी राजबीर सिंह उर्फ ​​फौजी कोऑर्डिनेटर के रूप में काम कर रहा था. वह India में हथियारों, हैंड ग्रेनेड और नशीले पदार्थों को इकट्ठा करने और उनकी आवाजाही के लिए विदेशों में बैठे हैंडलरों के साथ मिलकर काम करता था. आरोपी चिराग ठकराल, जीवनजोत सिंह ग्रेवाल उर्फ ​​ज्योति और वेद प्रकाश उर्फ ​​पम्मा ने आरोपी राजबीर सिंह उर्फ ​​फौजी के निर्देशों पर काम करते हुए सिरसा के महिला Police स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

यह हमला शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्यों की ओर से एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था. इसका मकसद Policeकर्मियों को नुकसान पहुंचाना और आम जनता के बीच दहशत और डर पैदा करना था. एनआईए की जांच में इस साजिश के तार विदेशों में बैठे उन हैंडलरों से जुड़े पाए गए हैं, जो सीमा पार से आतंकी नेटवर्क चला रहे हैं.

एजेंसी ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है, ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके और इस हमले के पीछे के पूरे सीमा पार आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

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डीसीएच/