सात्विक-चिराग अगर मानसिक रूप से मजबूत होंगे, तो खतरनाक साबित हो सकते हैं: कोच टैन किम

नागोया, 24 सितंबर . भारतीय डबल्स कोच टैन किम हर का मानना ​​है कि मौजूदा चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के पास आइची-नागोया में एशियन गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता के दबाव को संभालने के लिए जरूरी आत्मविश्वास, तैयारी और मानसिक मजबूती है.

एशियन गेम्स में इस क्षेत्र की कुछ सबसे मजबूत डबल्स जोड़ियां हिस्सा ले रही हैं, इसलिए कोच ने प्रतियोगिता के मानसिक पहलू पर खास जोर दिया है. उन्होंने कहा कि इस जोड़ी ने दबाव को संभालने और कड़े मुकाबलों के दौरान अपना संयम बनाए रखने पर काफी काम किया है.

टैन किम ने ‘ ’ के साथ बात करते हुए कहा, “बेशक, मैंने उनसे साइकोलॉजी और मानसिक मजबूती से जुड़ी सभी चीजों पर काम करने के लिए कहा था. मुझे लगता है कि सात्विक-चिराग के पास जरूरी सब कुछ है. अगर वे मानसिक रूप से मजबूत रहते हैं, तो उनका खेल बहुत खतरनाक हो सकता है. अब तक मैंने देखा है कि उन्होंने साइकोलॉजी की पूरी ट्रेनिंग ली है. मेरे लिए जब सब कुछ सही जगह पर होता है, तो मैं बस उन्हें प्लान बताता हूं कि 11 प्वाइंट के बाद हमें क्या करना है. अगर विरोधी का खेल बदलता है, तो हम दिखाते हैं कि उससे कैसे निPatna है.”

उन्होंने इस जोड़ी से एक समय पर एक मैच पर ही ध्यान देने को कहा, “मैं हमेशा खिलाड़ियों से कहता हूं कि एक बार में एक ही गेम पर ध्यान दें. भले ही उनका आत्मविश्वास अच्छा है लेकिन हम अति-आत्मविश्वासी नहीं हैं; बस एक-एक कदम आगे बढ़ाना है.” सात्विक और चिराग मौजूदा एशियाई चैंपियन के तौर पर इन खेलों में उतर रहे हैं और हाल ही में चीन मास्टर्स में मिली जीत के मोमेंटम को आगे बढ़ाना चाहेंगे. टैन ने कहा कि इस जीत ने अपने खिताब का बचाव करने से पहले इस जोड़ी का हौसला बढ़ाया है.

उन्होंने कहा, “सात्विक-चिराग के चीन मास्टर्स जीतने से उन्हें और आत्मविश्वास मिलेगा और उनका मोटिवेशन बढ़ेगा. मुझे लगता है कि अब तक सब कुछ अच्छा चल रहा है. सात्विक का हाथ भी ठीक स्थिति में है.” टैन ने टीम के आसपास एक सकारात्मक माहौल बनाने की भी कोशिश की है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि सोच इस बात पर असर डाल सकती है कि खिलाड़ी प्रतियोगिता को किस नजरिए से देखते हैं. उन्होंने कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि हम जिस भी टूर्नामेंट में जाएं, हमेशा अच्छी बातें कहें. जगह अच्छी है, होटल अच्छा है, हॉल अच्छा है, सब कुछ अच्छा है. इसलिए जब आप खुश होते हैं और आपकी सोच सकारात्मक होती है, तो सब कुछ अच्छा ही होता है.”

भारतीय टीम के साथ अपने समय के बारे में बात करते हुए टैन ने खिलाड़ियों के नजरिए की तारीफ की और साथ ही डबल्स में सुधार की गुंजाइश भी बताई. उन्होंने कहा, “अब तक मुझे लगता है कि खिलाड़ी बहुत स्वतंत्र और समर्पित हैं. हालांकि, हमें अभी भी डबल्स विभाग को और बेहतर बनाने की जरूरत है.”

एसएम/पीएम