साजन प्रकाश: 5 साल में शुरू हुआ तैराकी का सफर, ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले देश के पहले तैराक

New Delhi, 13 सितंबर . तैराकी India में एक परंपरागत कला है. वैश्विक स्तर पर तैराकी अब एक बड़े खेल के रूप में विकसित हो चुका है. India में यह खेल फिलहाल विकासशील प्रक्रिया में है. भारतीय तैराकों ने वैश्विक मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, लेकिन बड़ी सफलता का इंतजार बरकरार है.

भारतीय तैराकी फिलहाल अपनी प्रतिभा से सींच रहे तैराकों में साजन प्रकाश का नाम अहम है. साजन India के पहले ऐसे तैराक हैं, जिन्होंने ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया था.

साजन प्रकाश का जन्म 14 सितंबर 1993 को इडुक्की (केरल) में हुआ था. साजन के तैराकी में आने के पीछे उनकी मां का अहम योगदान रहा है. उनकी मां शांतिमोल ट्रैक एंड फील्ड एथलीट थीं. वह जहां काम करतीं, उसमें एक स्विमिंग पूल था. यहीं से साजन का तैराकी के प्रति प्रेम पनपा. महज 5 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्विमिंग पूल में गोता लगाया था और यहीं से उनके तैराकी का सफर शुरू हो गया.

तैराकी के शुरुआती दिनों में साजन ने इस विधा में अपनी प्रतिभा दिखाई और इसी वजह से इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने परिवार का पूरा समर्थन मिला. साजन का तमिलनाडु के नेवेली सिटी स्विमिंग क्लब में दाखिल करवाया गया. इसके बाद वह मशहूर तैराकी कोच प्रदीप कुमार से प्रशिक्षण लेने Bengaluru चले गए.

शुरुआत में शॉर्ट कोर्स तैराकी करने वाले साजन प्रकाश ने कोच के कहने पर लंबे कोर्स के इवेंट पर फोकस करना शुरू किया. वह 200 मीटर बटरफ्लाई इवेंट के लिए भी मेहनत करते रहे. साजन ने 2014 में राष्ट्रमंडल खेल और एशियन गेम्स में हिस्सा लिया. 2015 में साजन प्रकाश ने राष्ट्रीय खेल में यादगार प्रदर्शन किया और 6 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 8 पदक अपने नाम किए. अगले ही साल उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीते. साजन ने 200 मीटर बटरफ्लाई, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 4×200 मीटर रिले में अपने सभी को पछाड़ दिया.

साजन प्रकाश ने 2016 रियो ओलंपिक में हिस्सा लिया था. वह 200 मीटर बटरफ्लाई हीट में 28वें पायदान पर रहे. उन्होंने

रोम में आयोजित 2021 सेटे कोली ट्रॉफी में प्रकाश ने 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई और 200 मीटर फ्रीस्टाइल में तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़े.

तैराकी के क्षेत्र में साजन के योगदान को देखते हुए उन्हें 2024 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

पीएके