
Bhopal , 7 सितंबर . कांग्रेस ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में Madhya Pradesh Government पर अपना हमला तेज कर दिया है. पार्टी ने शराब माफिया और प्रशासन के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया और मौतों से जुड़े शराब ब्रांड के मामले में आबकारी विभाग के आदेश में अचानक किए गए बदलाव पर सवाल उठाए.
Madhya Pradesh विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने Sunday को गांवों का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की थी.
उन्होंने मांग की कि जांच में उस पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए जो संदिग्ध नकली शराब बनाने, बोतल में भरने, लेबल लगाने, ट्रांसपोर्ट करने और बांटने में शामिल था.
कांग्रेस नेता ने खास तौर पर ‘सागर गोल्ड’ शराब के मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने शुरू में 6 सितंबर को आदेश दिया था कि इसके स्टॉक को सील और जब्त किया जाए और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए, लेकिन उसी दिन बाद में आदेश बदल दिया गया.
सिंघार ने पूछा कि कुछ ही घंटों में आदेश क्यों बदल दिया गया. ऐसा क्या बदल गया कि सील करने, जब्त करने और एफएसएल जांच की जरूरत ही खत्म हो गई. किसके दबाव में आदेश बदला गया?
उन्होंने शराब में मेथनॉल की मिलावट का भी आरोप लगाया और मांग की कि जांचकर्ता इसके स्रोत का पता लगाएं और जिम्मेदार लोगों की पहचान करें.
सिंघार ने मारे गए हर व्यक्ति के परिवार के लिए कम से कम 25 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की और कहा कि कई पीड़ित गरीब मजदूर थे और अपने परिवार के अकेले कमाने वाले थे.
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि इस त्रासदी ने अवैध शराब के कारोबार को रोकने में Police और आबकारी विभाग की नाकामी को उजागर कर दिया है. उन्होंने मांग की कि अधिकारियों, सप्लायरों और डिस्ट्रीब्यूटरों की भूमिका की जांच की जाए और किसी भी लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाए.
पूर्व Chief Minister कमलनाथ ने आरोप लगाया कि सागर में हुई मौतों से जुड़ी शराब ब्रांडों पर त्रासदी से पहले ही सवाल उठाए गए थे, लेकिन Government ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी. जहरीली शराब को क्लीन चिट देना शराब माफिया और भाजपा Government के बीच गुप्त मिलीभगत का संकेत है. यह सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई हत्या का मामला है.
उप Chief Minister राजेंद्र शुक्ला ने Sunday को सागर का दौरा किया, स्थिति का जायजा लिया और आईसीयू तथा क्रिटिकल केयर वार्ड का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों को अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज करने, शराब की सभी दुकानों का निरीक्षण करने, स्टॉक की जांच करने और अवैध कारोबार की जांच करने का निर्देश दिया.
शुक्ला ने Monday को एक बयान में कहा कि लापरवाही बरतने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बांदा Police स्टेशन में 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. विनायक Police स्टेशन में 10 आरोपियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया.
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डीकेएम/एबीएम
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