ससून डॉक की समस्याओं पर शरद पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

Mumbai , 1 सितंबर . एनसीपी (एसपी) नेता और राज्यसभा सांसद शरद पवार ने ससून डॉक में मछुआरों, मछली कारोबारियों और मजदूरों से जुड़ी बढ़ती समस्याओं को लेकर Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. शरद पवार ने Chief Minister को पत्र लिखकर संबंधित विभागों की बैठक बुलाने और लंबित मुद्दों पर समयबद्ध तरीके से ठोस फैसले लेने के निर्देश देने की अपील की है.

राज्यसभा सांसद शरद पवार ने पत्र में लिखा कि ससून डॉक Mumbai में पारंपरिक मछली पकड़ने के कारोबार का एक महत्वपूर्ण केंद्र है. पिछले कई दशकों से यह हजारों मछुआरों, व्यापारियों, मजदूरों और उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार रहा है. ऐसे में यहां की समस्याओं का सीधा असर बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार और आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है.

पवार ने आगे लिखा कि ससून डॉक फिशिंग पोर्ट रेस्क्यू एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात कर मछली पकड़ने के कारोबार से जुड़ी विभिन्न गंभीर समस्याओं से अवगत कराया था. इसके बाद उन्होंने 28 अगस्त को स्वयं ससून डॉक का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मछुआरों, कारोबारियों, मजदूरों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझीं.

कमेटी ने ससून डॉक में कई अहम मुद्दे उठाए हैं. इनमें नवंबर 2025 में एमबीपीए द्वारा गोदाम से मछुआरों, व्यापारियों और मजदूरों को हटाए जाने का मुद्दा प्रमुख है. इसके अलावा एमएफडीसी और एमबीपीए के बीच गोदाम के किराए और प्रबंधन से जुड़े विवाद, 12 जून 2015 को लिए गए महत्वपूर्ण फैसले को पूरी तरह लागू नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई है.

शरद पवार ने ससून डॉक के विकास के लिए मंजूर फंड के बावजूद विकास कार्यों की धीमी गति पर भी सवाल उठाया. साथ ही मछली पकड़ने वाली नावों की मरम्मत के लिए आवश्यक जेटी की कमी को भी गंभीर समस्या बताया गया है.

उन्होंने कहा कि ससून डॉक केवल Mumbai का एक बंदरगाह नहीं बल्कि Maharashtra के पारंपरिक मछली पकड़ने के कारोबार की महत्वपूर्ण विरासत है. इसलिए इन समस्याओं को केवल प्रशासनिक या बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. यह हजारों परिवारों के रोजगार, आजीविका और भविष्य से जुड़ा मामला है.

पवार ने Chief Minister से मामले की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने, संबंधित विभागों की बैठक बुलाने और सभी मुद्दों के समाधान के लिए समयबद्ध एवं सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.

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