
New Delhi, 29 अगस्त . बदलते मौसम के साथ सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इन्हीं में से एक है इन्फ्लुएंजा ए (एच1एन1). स्वस्थ वयस्कों में यह संक्रमण ज्यादातर मामलों में अपने आप ठीक होने वाला होता है. हालांकि, इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि एच1एन1 होने पर सबसे आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर या मांसपेशियों में दर्द और थकान शामिल हैं. कुछ लोगों को मतली, उल्टी या दस्त जैसी परेशानी भी हो सकती है. हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है. कई बार शुरुआत में सामान्य फ्लू या वायरल जैसा ही महसूस होता है.
ऐसे में शरीर के संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है. अगर बुखार या खांसी के साथ शरीर में काफी दर्द और कमजोरी महसूस हो रही है, तो पर्याप्त आराम करें और खुद को हाइड्रेट रखें. पानी, सूप या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ लेते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. आराम करने से शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है.
एच1एन1 जैसे श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें काफी महत्वपूर्ण हैं. हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को उचित तरीके से फेंकें और हाथ साफ करें. अगर आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं, तो घर पर रहें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें. इससे संक्रमण के फैलने की संभावना कम करने में मदद मिलती है.
बीमारी के दौरान अपनी सेहत पर नजर रखना भी जरूरी है. अगर लक्षण 5–6 दिनों में कम नहीं होते, लगातार बने रहते हैं या हालत बिगड़ती महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें. खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सा सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए. जरूरत पड़ने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है.
–
पीआईएम/एएस
Skip to content