सर्गेई लावरोव ने पोलैंड के पैट्रियट मिसाइल प्लान पर रूसी मिलिट्री डॉक्ट्रिन की ओर किया इशारा

मॉस्को, 29 सितंबर . रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने Tuesday को पोलैंड की पैट्रियट मिसाइल उत्पादन की मेजबानी की योजना और यूक्रेन संघर्ष में यूरोप की भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए रूस के सैन्य सिद्धांत का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने का आग्रह किया.

रूसी न्यूज एजेंसी टस के अनुसार, विदेश मंत्री लावरोव ने वाल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब की 23वीं वार्षिक बैठक के मौके पर मीडिया से कहा, “इस मामले पर हमारा एक सैन्य सिद्धांत है, जिसका रूस के President व्लादिमीर पुतिन ने कई बार हवाला दिया है. मैं आपसे इस सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के प्रासंगिक खंड का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने का आग्रह करता हूं.”

टस के अनुसार, इससे पहले, पोलैंड की उप रक्षा मंत्री माग्डालेना सोबकोवियाक-जारनेका ने कहा था कि पोलैंड ने अमेरिका को यूक्रेन के साथ मिलकर एक सुरक्षित स्थान पर पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के लिए मिसाइलों का संयुक्त उत्पादन करने का प्रस्ताव दिया है. वारसॉ वर्तमान में यूक्रेन के लिए सैन्य सहायता की 50वीं खेप का आयोजन कर रहा है. 2022 से कीव को सौंपे गए सभी हथियार पैकेजों की कुल लागत लगभग 5 अरब डॉलर है.

2026 की गर्मियों में पोलैंड में नाटो सहायता पैकेज के तहत यूक्रेनी बलों को पैट्रियट सिस्टम के लिए कई मिसाइलों की आपूर्ति को लेकर एक घोटाला सामने आया था. तब विपक्ष ने अधिकारियों पर पोलैंड की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था.

लावरोव ने अप्रैल में रूसी गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कहा था कि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन की मदद से रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है.

लावरोव ने कहा था, “हमारे खिलाफ खुला युद्ध घोषित कर दिया गया है. कीव शासन को ‘भाले की नोक’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. लेकिन हर कोई जानता है कि यह ‘भाले की नोक’ पश्चिमी हथियारों, खुफिया डेटा, उपग्रह प्रणालियों, सैन्य कर्मियों को प्रशिक्षण देने में सहायता और बहुत कुछ के भौतिक समर्थन के बिना असहाय है.”

रूसी विदेश मंत्री ने यह भी कहा था कि बेल्जियम के जनरल स्टाफ से किसी ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वे रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे हैं और यूक्रेन उन्हें समय खरीदने में मदद कर रहा है.

उन्होंने अंताल्या डिप्लोमेटिक फोरम में कहा था, “आधुनिक मानव इतिहास में तीसरी बार, वैश्विक खतरा यूरोप से उत्पन्न होगा. और वे अब यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि यूक्रेन इस वैश्विक खतरे का ट्रिगर बन जाए.”

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डीकेपी