‘सरकार ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है’, महाराष्ट्र धर्मांतरण विरोधी कानून पर बोले वारिस पठान

Mumbai , 28 अगस्त . एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने धर्मांतरण को लेकर कहा कि यह संविधान का उल्लंघन है और हर धर्म को अपने तरीके से मानने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि इस्लाम में किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, लेकिन अगर कोई अपनी मर्जी से धर्म अपनाना चाहता है तो उसे जेल में डालना गलत है और Government सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. साथ ही उन्होंने नेपाल में बाढ़ से हुई मौतों पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

Maharashtra धर्मांतरण विरोधी कानून एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, “यह संविधान का उल्लंघन है. हमने पहले भी कहा है कि धर्म मानने की आजादी का मतलब है कि हर धर्म को अपने तरीके से मानने का अधिकार है. जो कोई भी अपने धर्म को मानना चाहता है, उसे ऐसा करने की इजाजत होनी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि यह Government सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की चीजें ला रही है. मूल मुद्दों पर Government से बात करना चाहिए. अमरावती में तीन बच्चों की, जो पैदा हुए, उनकी आग लगने की वजह से जान चली गई. सुरक्षा का तो पता-ठिकाना नहीं है. चीनी का भाव इतना बढ़ता जा रहा है, उसपर Government कुछ नहीं बोलेगी. मगर नहीं, Government को मुसलमानों के प्रति नफरत फैलाना है, इस तरह के कानून लाके सिर्फ एक ही समुदाय को Government टारगेट कर रही है.

उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम में यह साफ-साफ कहा गया है कि आप किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. लेकिन अगर कोई वीडियो या ऑडियो देखता या सुनता है और उसे सुनने के बाद उसे लगता है कि वह किसी खास धर्म को मानना ​​चाहता है, और वह उसे अपनाना चुनता है, तो आप क्या करेंगे? क्या आप उन्हें जेल में डाल देंगे? यह Government सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, “यह बहुत दुख की बात है. नेपाल में आई इस दुखद घटना से हमारा दिल दुखा है, जहां बाढ़ की वजह से लोगों की जान चली गई है. हम उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताते हैं जिन्होंने अपने घर और अपना सब कुछ खो दिया है. हम प्रभावित लोगों के प्रति भी अपनी संवेदना जताते हैं, और हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि जो लोग घायल हुए हैं वे जल्द से जल्द ठीक हो जाएं.”

महिला आरक्षण बिल को लेकर उन्होंने कहा कि जब संसद सत्र बुलाया जाएगा, उस वक्त हमारे पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी वहां पर जवाब देंगे. वहीं, नेपाल की त्रासदी को लेकर उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद है. हमारा दिल आहत है कि नेपाल के अंदर जो यह आपदा आई है, लोगों की जान गई है. हमारी संवेदनाएं हैं उन तमाम परिवार वालों के साथ जिन्होंने अपने घर-बार खो दिए, अपने चाहने वालों को खो दिया. जो घायल हुए हैं, हम चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो जाएं, ऊपर वाले से हमारी दुआ है.

उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि India Government इस वक्त नेपाल को पूरी तरह से मदद करे, पैकेज के जरिए, जो भी हो सकता है. इसमें राजनीति नहीं करनी चाहिए, पूरी तरह से मदद करनी चाहिए; वह हमारा पड़ोसी मुल्क है. मेरी जानकारी के मुताबिक India के तकरीबन 100 से ज्यादा जो लोग थे, वहां गए थे, उनका पता-ठिकाना नहीं मिला. कुछ लोगों का पता-ठिकाना मिला है. हम तो चाहेंगे कि India Government एक ऐसा डेस्क बनाए जहां पर लोगों को अच्छे तरीके से जानकारी दी जाए कि आपके रिश्तेदार यहां हैं.

डीएससी