सरकार के पास चुनौतियों से निपटने के लिए कोई मॉडल नहीं: आशुतोष रांका

jaipur, 30 अगस्त . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने नीट पीजी परीक्षा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने और तकनीकी समस्याओं को लेकर Government तथा परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा प्रणाली से जुड़ी संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी अनियमितताएं और विवाद सामने आते रहेंगे.

आशुतोष रांका ने कहा कि परीक्षा केंद्रों की ऑडिटिंग, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और तकनीकी तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि Government परीक्षा प्रबंधन के मूल मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय केवल दावे और प्रचार करने में लगी हुई है.

उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित आयुष पीजी परीक्षा में भी इसी तरह की समस्याएं सामने आई थीं और अब नीट पीजी परीक्षा में भी अभ्यर्थियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. रांका ने Rajasthan Government से मांग की कि जिन परीक्षा केंद्रों पर बार-बार अव्यवस्था सामने आ रही है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आवश्यक होने पर ऐसे केंद्रों को परीक्षा संचालन से प्रतिबंधित किया जाए.

सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि परीक्षा के दौरान सर्वर और बिजली जैसी समस्याएं यह दर्शाती हैं कि Government के पास इन चुनौतियों से निपटने के लिए कोई प्रभावी योजना या स्पष्ट मॉडल नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि आखिर तकनीकी खामियों और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए Government क्या कदम उठा रही है.

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि Government छात्रों की मांगों और समस्याओं को सुनने के बजाय विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर अधिक ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो देशभर में आंदोलन और विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं.

छात्रों के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए रांका ने कहा कि युवाओं की समस्याएं वास्तविक हैं और Government का दायित्व है कि वह उनकी बात सुने तथा समाधान प्रस्तुत करे. उन्होंने आईआईटी दिल्ली सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में छात्रों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का भी उल्लेख किया और कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगा तो विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक रूप से जारी रहेंगे.

आशुतोष रांका ने कहा कि छात्रों को डराने या उनकी आवाज दबाने की कोशिश करना समाधान नहीं है. उन्होंने Government से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी सुधार सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े.

उन्होंने कहा कि अगर Government का ध्यान आंदोलन को खराब करने, आंदोलनकारियों को डराने, धमकाने में रहेगा तो ये आंदोलन और बड़े ही होंगे.

एएमटी/डीकेपी