‘सरकारें वोट से बदलती हैं, ताकत के दम पर नहीं’, सीएम हिमंता का विपक्ष पर हमला

बस्ती, 18 अक्टूबर . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि Government वोट से बदलती है, धमकी और दादागिरी से नहीं.

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के बाद असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “यह बहुत ही दुखद घटना है, लेकिन Government ने स्थिति को संभालने के लिए काम किया, सभी के इलाज की व्यवस्था की और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि भविष्य में ऐसी घटना न हो. हालांकि, यह किसी के हाथ में नहीं है और यह बहुत ही दर्दनाक घटना है. फिर भी, स्थिति को संभालने के लिए Chief Minister द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों से लोगों को कुछ शांति मिली है और उनका दुख कुछ हद तक कम हुआ है.”

दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर Chief Minister हिमंता ने कहा कि Government बदलती है वोट से, धमकी और दादागिरी से नहीं, जो लोग सोचते हैं कि सत्ता मसल पावर से बदलती है, उन्हें बांग्लादेश या नेपाल जाना होगा.

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ऐसा कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं था; लगभग 5,000 से 10,000 लोग इकट्ठा हुए थे और विपक्ष के पास स्वाभाविक रूप से इतना समर्थन तो है ही. हालांकि, हमारी संख्या कहीं अधिक है. एक बार जब हमारे समर्थक हर जिले में बाहर आएंगे, तो आप खुद तुलना कर पाएंगे और देख पाएंगे कि असली ताकत किसके पास है.

असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “अखिलेश यादव क्या कह रहे हैं? हम लोग जहां होते हैं, वहां अखिलेश यादव की कोई चर्चा नहीं होती है. मुझे आपसे पूछना पड़ेगा कि ये विद्वान कौन है? देश में तो उनकी चर्चा नहीं है. पहले तो आप मुझे ये समझाएं कि वो कौन हैं? क्योंकि देश में तो उनकी चर्चा नहीं होती है. मैं तो उनके बारे में सिर्फ इतना ही जानता हूं कि उन्होंने अपने पिता को पीछे से छुरी मारी थी. मैं बस यही कहानी जानता हूं.”

उन्होंने कहा कि मंदिर बदनाम नहीं होता है. राम अपने स्थान पर ही रहेंगे. दुनिया में कोई ऐसा बाबर नहीं है, जो राम को पराजित कर सके. वो अपने स्थान पर ही रहेंगे. श्रद्धालु आते रहेंगे, और जब तक चांद और सूरज हैं, राम हिंदुओं के दिलों में ही रहेंगे. यह बहुत दिव्य है. भगवान राम लला के दर्शन करने के बाद मन श्रद्धा से पूरी तरह परिपूर्ण हो जाता है. बार-बार आने का मन करता है.

विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि राम के मुद्दे पर चुनाव नहीं लड़ा जाता है, लेकिन जब-जब बाबर दुनिया में होगा, तब-तब राम-लक्ष्मण और हनुमान तो रहेंगे ही. आप इसे ना कैसे कह सकते हैं? अगर हम राम के नाम पर चुनाव लड़ते हैं तो आप भी तो बाबर के नाम पर लड़ते हैं. आपको राम का नाम लेने में तकलीफ है, बाबर का नाम लेना बंद कर दो.

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एमएस