
तिरुचि, 8 अक्टूबर . तमिलनाडु के तिरुचि में ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ की महिला विंग की सदस्यों ने पांच Police स्टेशनों में शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि पूर्व Chief Minister और डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी की धारापुरम उपचुनाव उम्मीदवार पी. सत्यभामा को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की.
Police की ओर से जानकारी दी गई कि श्रीरंगम, थिल्लई नगर और सरकारी अस्पताल समेत कई थानों में शिकायतें दर्ज कराई गईं. Police ने बताया कि थानों ने शिकायतें मिलने की पुष्टि करते हुए कम्युनिटी सर्विस रजिस्टर (सीएसआर) की रसीदें जारी कीं.
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि धारापुरम में डीएमके उम्मीदवार सुकन्या के लिए प्रचार करते समय एम.के. स्टालिन ने सत्यभामा का मजाक उड़ाने के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों से चुनाव लड़ रही एक महिला का अपमान हुआ है.
शिकायतों के अनुसार, स्टालिन ने अपने चुनावी भाषण के दौरान सत्यभामा के नाम और रूप-रंग का मजाक उड़ाया. शिकायतकर्ताओं ने इन टिप्पणियों को आपत्तिजनक और अपमानजनक बताया और अधिकारियों से भाषण की जांच करने और कार्रवाई करने का आग्रह किया.
इस विवाद के कारण वकीलों के एक समूह ने भी शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने चुनाव आयोग, तमिलनाडु के Police महानिदेशक, चेन्नई के Police कमिश्नर और निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर से संपर्क कर इन कथित टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग की.
वकीलों का कहना है कि चुनावी प्रचार के दौरान किसी महिला उम्मीदवार का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए और न ही उन पर व्यक्तिगत हमले किए जाने चाहिए. उनकी याचिकाओं में अधिकारियों से एम.के. स्टालिन की ओर से की गई टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है. उपलब्ध जानकारी में Police ने इन याचिकाओं पर की गई किसी कार्रवाई का विवरण नहीं दिया है.
यह विवाद तिरुप्पुर जिले के धारापुरम और चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों के प्रचार के दौरान शुरू हुआ. दोनों निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित हैं.
एम.के. स्टालिन की टिप्पणियों पर टीवीके समर्थकों ने आपत्ति जताई. उनका कहना था कि प्रचार के दौरान उनके उम्मीदवार पर व्यक्तिगत हमले किए गए. Police और चुनाव अधिकारियों के सामने रखी गई शिकायतों में मुख्य रूप से उनके भाषण में इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ता की ओर से उन टिप्पणियों के लिए जवाबदेही की मांग की जा रही है.
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एसडी/पीएम
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