
New Delhi, 19 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Saturday को कहा कि सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) India की परंपरा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रहा है और अब यही सोच देश के टेक्सटाइल उद्योग के भविष्य को आकार दे रही है.
Prime Minister ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह का एक लेख शेयर किया, जिसमें बताया गया है कि कपड़ा रीसाइक्लिंग, स्वच्छ उत्पादन प्रक्रियाओं और हरित प्रौद्योगिकियों से जुड़ी पहलें भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी और सर्कुलर अर्थव्यवस्था आधारित बनाने में मदद कर रही हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि लेख में यह रेखांकित किया गया है कि टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग, क्लीनर प्रोडक्शन और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित पहलें उद्योग को अधिक टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए सक्षम बना रही हैं.
गिरिराज सिंह ने अपने लेख में लिखा कि रीसाइक्लिंग, अपशिष्ट पुनर्प्राप्ति, स्वच्छ तकनीक, जिम्मेदार विनिर्माण और बाजार अवसरों के विस्तार के जरिए India के टेक्सटाइल उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ एक हरित और मजबूत भविष्य की नींव रखी जा रही है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Government यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि India को विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच कोई एक विकल्प न चुनना पड़े, बल्कि दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें और देश की टेक्सटाइल विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनें.
Union Minister ने कहा कि India वर्ष 2030 तक 350 अरब डॉलर के टेक्सटाइल और परिधान उद्योग का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है. ऐसे में सस्टेनेबिलिटी अब केवल एक वैकल्पिक विषय नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मकता, बाजार पहुंच और जिम्मेदार विकास की केंद्रीय रणनीति बन रही है.
उन्होंने कहा कि फाइबर, यार्न, फैब्रिक, प्रोसेसिंग, परिधान, तकनीकी वस्त्र और मेड-अप्स जैसे व्यापक क्षेत्रों में फैला भारतीय टेक्सटाइल उद्योग अब पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ उत्पादन मॉडल को तेजी से अपना रहा है.
गिरिराज सिंह ने Prime Minister मोदी के उस कथन का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “दुनिया फैशन फॉर एनवायरनमेंट एंड एम्पावरमेंट के विजन को अपना रही है और India इस दिशा में नेतृत्व कर सकता है.” मंत्री के अनुसार, यह परिवर्तन अब भारतीय टेक्सटाइल उद्योग में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है.
उन्होंने बताया कि देश का घरेलू टेक्सटाइल बाजार 2014-15 में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है. यह क्षेत्र की मजबूत वृद्धि और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते योगदान को दर्शाता है.
टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र वर्तमान में देश में 5.3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है. आने वाले तीन वर्षों में इस क्षेत्र से करीब 2 करोड़ अतिरिक्त रोजगार सृजित होने की संभावना है.
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डीबीपी
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