संभल हिंसा में एनएसए रद्द होने पर इमरान मसूद बोले, अधिकारी संविधान के दायरे में करें काम

सहारनपुर, 29 सितंबर . संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत की गई कार्रवाई को Supreme Court द्वारा रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अधिकारियों को संविधान के दायरे में काम करने की नसीहत दी.

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि अधिकारियों को यह समझना चाहिए कि जिस तरह से वे काम कर रहे हैं, उससे जुड़े मामले अंततः Supreme Court तक पहुंच सकते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है.

इमरान मसूद ने सहारनपुर मस्जिद से जुड़े मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस मामले में ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं, जो “खुद अपनी कहानी बयां कर रहे हैं और उन्हें छिपाया नहीं जा सकता. धर्म के आधार पर मस्जिदों को गिराना और लोगों को परेशान करना संविधान की भावना के खिलाफ है. यही संविधान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को पद संभालने का अधिकार देता है और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की गारंटी भी देता है.

इस बीच, Samajwadi Party (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के इंडी गठबंधन की आगामी बैठक में शामिल नहीं होने की अटकलों पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल होना या नहीं होना अखिलेश यादव का अपना फैसला है और वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते, हालांकि उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए इंडी गठबंधन का मजबूत रहना बेहद जरूरी है.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में Samajwadi Party नेतृत्व कर रही है, इसलिए गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं होते हैं, तो इससे गठबंधन को मजबूती नहीं मिलेगी और इसका नुकसान Samajwadi Party को भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इंडी गठबंधन का मजबूत और एकजुट दिखाई देना जरूरी है.

चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर भी मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में कहा कि यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता होती, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए था. मसूद ने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद कोई व्यक्ति अपने पद पर कैसे बना रह सकता है.

इमरान मसूद ने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग काम कर रहा है, उसके बाद उससे मुकाबला करना आसान नहीं होगा. उन्होंने दोहराया कि मौजूदा समय में इंडी गठबंधन को मजबूत करना और एकजुट रखना विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण है.

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