
New Delhi, 29 सितंबर . संभल हिंसा मामले के मुख्य आरोपी मुल्ला अफरोज को Supreme Court से बड़ी राहत मिली है. Supreme Court ने मुल्ला अफरोज पर लगाया गया एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) रद्द कर दिया है और उसकी जमानत याचिका को मंजूर कर लिया. इसके साथ ही कोर्ट ने यूपी Government पर सख्त टिप्पणी करते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
Supreme Court ने कहा कि यूपी Government ने गैरकानूनी तरीके से मुल्ला अफरोज पर एनएसए लगाया था. कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का वह फैसला भी रद्द कर दिया जिसमें एनएसए के पक्ष में फैसला दिया गया था. यह पूरा मामला संभल हिंसा से जुड़ा है. मुल्ला अफरोज पर नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है.
बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के तुरंत बाद अक्टूबर 2025 में यूपी Government ने उस पर एनएसए लगाकर दोबारा गिरफ्तार कर लिया था. इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए मुल्ला अफरोज ने Supreme Court में याचिका दायर की थी.
इस याचिका पर सुनवाई के दौरान Supreme Court ने यूपी Government की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे. कोर्ट ने यूपी Government से पूछा था कि क्या Police कस्टडी में दिए गए ऐसे बयान को एनएसए के तहत हिरासत का आधार बनाया जा सकता है, जो कानूनी रूप से अदालत में मान्य नहीं होता.
वहीं, उत्तर प्रदेश Government ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया था. Government ने दलील दी थी कि मुल्ला अफरोज की रिहाई से क्षेत्र में दोबारा हिंसा भड़कने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की पूरी आशंका थी. इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक नजरबंदी जरूरी थी.
हालांकि Supreme Court ने Government की इस दलील को नहीं माना. कोर्ट ने माना कि एनएसए लगाने की प्रक्रिया गैरकानूनी थी और इस कानून का गलत इस्तेमाल किया गया.
– ं
पीएम
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