‘संजय दत्त ने बिल्कुल सच कहा’, ‘भारत में शांति नहीं’ वाले बयान पर सियासी घमासान

Mumbai , 5 अक्टूबर . Actor संजय दत्त के ‘India में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती’ वाले बयान को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. Maharashtra कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने संजय दत्त की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि Actor ने देश के मौजूदा हालात को लेकर जो बात कही है, वह बिल्कुल सही है. वहीं, भाजपा नेता परिणय फुके ने संजय दत्त के बयान पर तीखा पलटवार किया.

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, ”संजय दत्त ने बिल्कुल सच कहा है. भाजपा के शासन में दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. संजय दत्त ने बयान के जरिए केंद्र Government और भाजपा शासित राज्य Governmentों को अवगत कराया है. Governmentों को इस बात का संज्ञान लेना चाहिए और देश व राज्यों में बढ़ रही गुंडई को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए.”

वहीं, भाजपा नेता परिणय फुके ने संजय दत्त पर बेहद तीखा हमला बोला. फुके ने कहा, ”मुझे लगता है कि संजय दत्त अपना होश खो चुके हैं, और शायद उन्हें Pakistan या यरवदा जेल में शांति महसूस हो रही है. उनकी उम्र को देखते हुए, मुझे लगता है कि उन्हें अब आराम करना चाहिए और शांति पाने के लिए चार धाम यात्रा करनी चाहिए. अगर उन्हें यहां India में शांति नहीं मिल रही है, तो उन्हें Pakistan चले जाना चाहिए.”

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भी संजय दत्त की टिप्पणी से असहमति जताई. उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि संजय दत्त का बयान सही नहीं है. पूरे देश को पता है कि India में शांति है और देश बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा है. India आज रुकने या थकने वाला देश नहीं है. आजादी के बाद देश ने काफी संघर्ष किया है. यह सभी का अपना देश है और इसे संभालकर रखना हर किसी की जिम्मेदारी है.”

उन्होंने कहा, ”हर मुद्दे पर राजनीति करना ठीक नहीं है. देश में रहने वाले लोग अपने देश को लेकर खुश हैं और सभी को मिलकर देश को आगे ले जाने की कोशिश करनी चाहिए.”

दरअसल, संजय दत्त शेखर सुमन के टॉक शो ‘शेखर टूनाइट’ में गांधी जयंती के मौके पर गेस्ट बनकर पहुंचे थे. इस दौरान बातचीत में संजय दत्त ने कहा , ”इस देश के लोग बहुत प्यारे हैं. यहां शांति होनी चाहिए. मुझे अब हमारे देश में वो शांति महसूस नहीं होती. हम भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज होते हैं. हमने बहुत कुछ दिया है और हमें हमेशा ऐसा ही रहना चाहिए. मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि वो दिन जल्द वापस आए.”

संजय दत्त के इस बयान का एक हिस्सा social media पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद कुछ लोगों ने उनके बयान को देश के मौजूदा हालात और Government पर टिप्पणी के तौर पर देखना शुरू कर दिया. social media पर सवाल उठे कि Actor आखिर किस दौर की शांति की बात कर रहे हैं और उनके बयान का इशारा किस तरफ है? विवाद बढ़ने पर संजय दत्त को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी.

उन्होंने अपने social media पोस्ट में लिखा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, उनका अपमान करना या उनका अनादर करना मेरा मकसद कभी नहीं रहा है. मेरी टिप्पणियां एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में की गई थीं, जिसका मकसद मजाकिया माहौल बनाना था. इसके पीछे की भावना ‘मुन्नाभाई’ की ‘गांधीगिरी’ की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था. दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया.”

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पीके/एबीएम