संगठन सृजन से लेकर कुंभ की तैयारी तक, नासिक में पृथ्वीराज चव्हाण ने सरकार को घेरा

नासिक, 31 अगस्त . Maharashtra के पूर्व Chief Minister और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम, राहुल गांधी के संभावित नासिक दौरे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े ‘शुद्धिकरण’ विवाद, Prime Minister Narendra Modi के उज्बेकिस्तान दौरे, मराठा आरक्षण आंदोलन और नासिक कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर Government पर सवाल उठाए.

पृथ्वीराज चव्हाण ने को बताया कि एआईसीसी के संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत Maharashtra में नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है. इन नए पदाधिकारियों को कांग्रेस की नीतियों, इतिहास और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की जानकारी देने के उद्देश्य से 24 सितंबर से 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है. राज्य में करीब 60-70 नए जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं, जबकि कई जिलों में दो से चार अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं.

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर में करीब 30-40 वक्ताओं के व्याख्यान होंगे. चव्हाण स्वयं भी शिविर में संबोधित करने पहुंचे, जहां उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के कैंप के समापन कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. हालांकि, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का दौरा अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है और तारीख 1 या 2 सितंबर हो सकती है.

राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज First Information Report को चव्हाण ने शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेता हैं और दलित समाज से आते हैं. उनके किसी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण की घटना की गई, जिसे उन्होंने निंदनीय बताया. चव्हाण ने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल First Information Report दर्ज की जानी चाहिए. राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पहले उस घटना की जांच होनी चाहिए, जिसने विवाद को जन्म दिया.

Prime Minister मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे पर चव्हाण ने यूरेनियम खरीद की संभावित चर्चा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यदि India को उज्बेकिस्तान से उचित कीमत पर यूरेनियम मिलता है तो उसे खरीदना चाहिए. India के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से यूरेनियम खरीदने का रास्ता भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के बाद खुला था. यह मूल रूप से एक व्यापारिक समझौता है और यदि इससे India को लाभ मिलता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन की घोषणा पर चव्हाण ने कहा कि पिछली Government और जरांगे पाटिल के बीच क्या बातचीत और समझौता हुआ था, इसकी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि समझौते के बावजूद दोबारा अनशन और आंदोलन की स्थिति पैदा हुई है तो इससे संकेत मिलता है कि किए गए वादे पूरे नहीं हुए. चव्हाण ने इसे संभावित वादाखिलाफी बताते हुए कहा कि Government को आंदोलन और आरक्षण से जुड़े मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकालना चाहिए.

नासिक में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर चव्हाण ने कहा कि Government बड़े पैमाने पर करीब 30-40 हजार करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना रही है. कांग्रेस को विकास कार्यों पर पैसा खर्च किए जाने से आपत्ति नहीं है, लेकिन यह पैसा जनता की जरूरतों और स्थायी विकास को ध्यान में रखकर खर्च होना चाहिए. क्या Government ने सभी बड़े प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है? क्या नासिक की जनता से राय ली गई है? उन्होंने पब्लिक हियरिंग, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और सामाजिक प्रभाव आकलन की मांग की.

चव्हाण ने कहा कि कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से नासिक के बुनियादी ढांचे पर कितना दबाव पड़ेगा, इसका आकलन जरूरी है. शहर में सड़क, यातायात और रिंग रोड जैसी स्थायी सुविधाओं का विकास होना चाहिए ताकि कुंभ के बाद भी नासिक को उसका लाभ मिलता रहे. उन्होंने ठेकों और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि भ्रष्टाचार या कमीशनखोरी हुई तो जनता का पैसा बर्बाद होगा.

/डीकेपी