श्रीनगर में एनसी और भाजपा का आमने-सामने विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने दोनों दलों के मार्च को रोका

श्रीनगर, 2 सितंबर . जम्मू-कश्मीर Police ने Wednesday को श्रीनगर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलग-अलग विरोध मार्च को विफल कर दिया.

भाजपा ने सिविल सचिवालय के घेराव की योजना बनाई थी, जबकि एनसी भाजपा कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने वाली थी, लेकिन दोनों मार्च उस समय विफल हो गए जब दोनों दलों के प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ झड़प हो गई.

स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री सकीना इटू, विधायक तनवीर सादिक, सलमान सागर, अहसान परदेसी, शमीमा फिरदौस, हिलाल पर्रे सहित एनसी के वरिष्ठ नेताओं ने अनुच्छेद 370 की बहाली, राज्य का दर्जा और जम्मू-कश्मीर को अन्य संवैधानिक गारंटी की मांग को लेकर भाजपा के जवाहर नगर कार्यालय की ओर मार्च किया और नारेबाजी की.

Police और सुरक्षा बलों ने एनसी प्रदर्शनकारियों को राजबाग थाने के पास रोक दिया, क्योंकि मार्च को रोकने के लिए सड़क पर बैरिकेड्स लगाए गए थे.

एनसी प्रदर्शनकारियों की Police के साथ झड़प हुई और उनमें से कुछ को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया, क्योंकि उन्हें जवाहर नगर इलाके में भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई.

Chief Minister के सलाहकार नासिर असलम वानी ने एनसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से कहा कि Government विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर है, क्योंकि राज्य का दर्जा बहाल करने और आरक्षण को युक्तिसंगत बनाने सहित प्रमुख मुद्दे दो साल तक इंतजार करने के बावजूद लंबित हैं.

उन्होंने कहा कि एनसी धैर्यपूर्वक लोगों से किए गए वादों के पूरे होने का इंतजार कर रही है. वानी ने कहा, “समझिए कि हम यह विरोध प्रदर्शन करने के लिए क्यों मजबूर हैं. दो साल से हम धैर्यपूर्वक बैठे हैं और इस उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं कि हमसे किए गए वादे पूरे होंगे. लोगों को उम्मीद थी कि चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल होगा, लेकिन इस मुद्दे पर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई.”

उन्होंने कहा, “हमें पूरी उम्मीद थी कि राज्य का दर्जा बहाल होगा, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है.”

आरक्षण युक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने इस मामले को मंजूरी देकर उपGovernor को भेज दिया था, लेकिन यह मुद्दा अभी भी लंबित है.

उन्होंने कहा, “यह मुद्दा सीधे तौर पर हमारे युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, लेकिन इसमें भी देरी हो रही है और इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है.”

वानी ने कहा कि Government को बताया गया कि दिल्ली से कुछ सवाल आए हैं और मामला जवाब के लिए कैबिनेट को वापस भेज दिया गया है. उन्होंने कहा, “हमें बताया गया कि दिल्ली से कुछ सवाल आए हैं और मामला कैबिनेट को वापस भेज दिया गया है.”

उन्होंने महाधिवक्ता की नियुक्ति में देरी पर भी सवाल उठाया और कहा कि कई मामले अटके हुए हैं. उन्होंने कहा, “स्थिति इस हद तक पहुंच गई है कि महाधिवक्ता की नियुक्ति भी अभी तक नहीं हुई है. तो, हम किस बात का विरोध कर रहे हैं? जिन लोगों को काम करना चाहिए, उन्हें अपना काम करना चाहिए.”

भाजपा के प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) सुनील शर्मा और जम्मू-कश्मीर भाजपा मामलों के महासचिव अशोक कौल के नेतृत्व में बटमालू इलाके में सिविल सचिवालय के घेराव के लिए विरोध मार्च शुरू करने के लिए लाल चौक सिटी सेंटर पर एकत्र हुए.

लाल चौक और सचिवालय की ओर जाने वाली सड़क पर Police और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी.

भाजपा प्रदर्शनकारियों को जहांगीर चौक पर रोका गया. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उनके प्रयासों को विफल कर दिया गया और उन्हें सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया गया.

पत्रकारों से बात करते हुए एलओपी सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा के विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों का शामिल होना उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली एनसी Government की विफलता का प्रमाण है. उन्होंने आरोप लगाया कि एनसी Government ने पार्टी के चुनाव घोषणापत्र में लोगों से किए गए वादों में से एक भी वादा पूरा नहीं किया है.

डीएससी