
Mumbai , 9 अक्टूबर . भारतीय शेयर बाजार Friday के कारोबारी सत्र में लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद हुआ. दिन के अंत में सेंसेक्स 879.09 अंक या 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 और निफ्टी 288.65 अंक या 1.30 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,520.45 था.
सत्र में खरीदारी को सहारा आईटी शेयरों ने दिया. सूचकांकों में निफ्टी आईटी 3 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर था. इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंजप्शन , निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कमोडिटीज हरे निशान में बंद हुए. केवल निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में बंद हुआ.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 904.80 अंक या 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 58,787.30 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 103.60 अंक या 0.54 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,153.70 पर बंद हुआ.
सेंसेक्स पैक में आईटीसी, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, टाटा स्टील, एचयूएल, टाइटन, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, एमएंडएम, इंडिगो, एनटीपीसी, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस गेनर्स थे. केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज ही लूजर था.
जानकारों ने कहा कि हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद, वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग के दम पर घरेलू इक्विटी मार्केट में राहत भरी रैली देखने को मिली. दूसरी तिमाही के आय सीजन की मजबूत शुरुआत और एआई-आधारित आय के मौकों पर बढ़ते भरोसे के कारण आईटी शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया.
उन्होंने आगे कहा कि इस सेंटीमेंट को भू-Political चिंताओं में कमी से भी मदद मिली; संकेत मिले हैं कि मिड-टर्म चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ किसी संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना कम है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है.
हालांकि, एफआईआई की लगातार निकासी और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर रिकवरी की उम्मीदों पर दबाव बनाए हुए है. आरबीआई के ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ के रुख के बाद, निवेशक अब ब्याज दरों की चाल के बारे में और संकेतों के लिए Monday को आने वाले घरेलू सीपीआई डेटा का इंतजार कर रहे हैं. आगे चलकर, दूसरी तिमाही के नतीजों का प्रदर्शन बाजार की रिकवरी के टिके रहने को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.
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एबीएस
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