शिवपाल का अपमान और मुलायम के संघर्ष को भुला रही सपा, अखिलेश पर परिवार का भरोसा नहीं: नंद किशोर गुर्जर

Lucknow, 14 सितंबर . भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने Samajwadi Party और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. लोहिया ट्रस्ट में शिवपाल सिंह यादव की जगह अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने इसे शिवपाल का बड़ा अपमान बताया. साथ ही, उन्होंने सपा की चुनावी रणनीति, डुप्लीकेट वोटर के आरोप, जयंत चौधरी के बयान, यूसीसी और लोनी में एक मामले में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

लोहिया ट्रस्ट की अध्यक्षता अखिलेश यादव को मिलने पर नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि शिवपाल सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव के संघर्ष और Samajwadi Party को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने शिवपाल को मुलायम सिंह यादव का लंबे समय तक साथ देने वाला नेता बताते हुए कहा कि उनके साथ हुआ व्यवहार सपा के भीतर बड़े Political बदलाव का संकेत है.

गुर्जर ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में Samajwadi Party कमजोर हो रही है. उन्होंने शिवपाल सिंह यादव को भाजपा में आने या अलग Political दल बनाने का सुझाव भी दिया. शिवपाल के साथ यादव समाज और मुलायम सिंह यादव के समर्थकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं. जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के अध्यक्ष भी अखिलेश यादव होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी भी उनके पास आ गई है. गुर्जर ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव अपने परिवार के नेताओं पर भरोसा क्यों नहीं कर रहे हैं.

इटावा विधानसभा क्षेत्र के 458 पोलिंग स्टेशनों पर तीन हजार से अधिक कथित डुप्लीकेट मतदाताओं को लेकर सपा द्वारा जांच की मांग पर गुर्जर ने कहा कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी रखना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन डुप्लीकेट मतदाताओं की बात सपा कर रही है, वे उसके ही Political आधार से जुड़े हो सकते हैं.

उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनकी विधानसभा में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिन्हें उन्होंने बाहरी या अवैध रूप से जुड़े मतदाताओं के रूप में बताया. उन्होंसपा पर चुनाव से पहले मतदाता सूची और चुनावी मशीनों को लेकर सवाल खड़े करने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया.

सपा द्वारा आगामी चुनाव में लंबी दूरी की रथ यात्रा के बजाय विधानसभा स्तर पर प्रचार अभियान चलाने के फैसले पर भाजपा विधायक ने कहा कि यह पार्टी की कमजोर होती स्थिति का संकेत है. उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा को बहुत कम सीटें मिलेंगी. विधानसभा चुनाव में जनता विकास, कानून-व्यवस्था और शासन के आधार पर फैसला करेगी.

जयंत चौधरी के उस बयान पर कि सपा के साथ गठबंधन के दौरान बंद कमरों में हुई बातों को सार्वजनिक करने पर अखिलेश यादव के लिए प्रदेश में Political जमीन नहीं बचेगी, गुर्जर ने कहा कि जयंत चौधरी गंभीर और पढ़े-लिखे नेता हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और सपा नेताओं की ओर से विभिन्न सामाजिक समूहों के नेताओं और समुदायों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं. जयंत चौधरी के खिलाफ किसी भी तरह की Political टिप्पणी का किसान, मजदूर और युवा विरोध करेंगे. उन्होंने Samajwadi Party पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने पुराने सहयोगियों का सम्मान नहीं करने का आरोप भी लगाया.

लोनी से जुड़े एक मामले में प्रशासन द्वारा कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर गुर्जर ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ की सराहना की. उन्होंने कहा कि उन्होंने कथित यौन उत्पीड़न से प्रभावित परिवारों के साथ Chief Minister से मुलाकात की और परिवारों को Government की ओर से कार्रवाई का भरोसा मिला. गुर्जर ने कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई की है. सीएम योगी को धन्यवाद देते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कठोर कार्रवाई आवश्यक है.

असदुद्दीन ओवैसी की ओर से यूसीसी को लेकर भाजपा पर लगाए गए आरोपों पर गुर्जर ने कहा कि देश संविधान और कानून के आधार पर चलेगा. उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना है. उन्होंने Prime Minister मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लिए गए विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए यूसीसी का समर्थन किया. गुर्जर ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश में भी Chief Minister योगी आदित्यनाथ की Government ने इस विषय पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है.

/डीएससी