शताब्दी वर्ष में आरएसएस की दैनिक शाखाओं की संख्या 1.01 लाख के पार

इंदौर, 31 अक्टूबर . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार 1,10,849 स्थानों तक कर लिया है, जबकि दैनिक शाखाओं की संख्या बढ़कर 1,01,151 हो गई है. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने Saturday को यह जानकारी दी.

आरएसएस की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आंबेकर ने संगठन के ताजा आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान संघ के विस्तार और विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी.

आंबेकर ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले बताया था, इस बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान संगठन के विस्तार की समीक्षा की जाएगी. बैठक के अंतिम दिन इसका विस्तृत आकलन साझा किया जाएगा. संक्षेप में बताऊं तो देशभर में आरएसएस की दैनिक शाखाओं की संख्या अब बढ़कर 1,01,151 हो गई है. साप्ताहिक शाखाओं और मासिक मिलन को मिलाकर संघ की गतिविधियां देशभर के लगभग 1,10,849 स्थानों तक पहुंच गई हैं.”

संघ की वार्षिक बैठक 2 से 4 नवंबर तक इंदौर के डेली कॉलेज में आयोजित होगी. इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, Government्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी छह सह Government्यवाह, वरिष्ठ पदाधिकारी और संगठन के 46 प्रांतों तथा 11 क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.

बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी. हाल ही में संपन्न विजयादशमी उत्सव के साथ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है. इसके अलावा विजयादशमी के अवसर पर मोहन भागवत द्वारा अपने संबोधन में उठाए गए मुद्दों पर आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी.

बैठक के एजेंडे में नए मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री से जुड़ी चुनौतियां, नशे की बढ़ती समस्या, India के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप और बदलती वैश्विक परिस्थितियां जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल हैं. Madhya Pradesh के साथ संघ के ऐतिहासिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए आंबेकर ने कहा कि नागपुर में स्थापना के बाद Maharashtra से बाहर Madhya Pradesh पहला क्षेत्र था, जहां संघ ने अपनी गतिविधियां शुरू की थीं.

उन्होंने कहा, “Madhya Pradesh में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का लंबा इतिहास रहा है. नागपुर में काम शुरू होने के बाद Maharashtra के बाहर यह पहला क्षेत्र था, जहां संघ ने अपनी गतिविधियां शुरू की थीं. यहां के लोगों का लगातार सहयोग और समर्थन मिलता रहा है.” आंबेकर ने संगठन के विचारों, गतिविधियों और कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका के लिए भी आभार जताया. उन्होंने उम्मीद जताई कि संघ के दूसरे शताब्दी वर्ष में भी मीडिया का सहयोग इसी तरह मिलता रहेगा. उन्होंने कहा कि मीडिया ने सकारात्मक तरीके से संघ के विचारों, गतिविधियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाने में मदद की है और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा है.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी. संगठन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन कर रहा है.

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डीएससी