
जम्मू, 1 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने Pakistan, Prime Minister Narendra Modi के एससीओ शिखर सम्मेलन में दिए बयानों, India की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ, आतंकवाद, Pakistan में हिंदू मंदिर गिराए जाने और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने Pakistan की ओर से Prime Minister मोदी की तस्वीर हटाने को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और इसे India के प्रति उसकी मानसिकता तथा कथित हीनभावना से जोड़कर देखा.
Pakistan के पीएमओ की ओर से कथित तौर पर एडिट की गई तस्वीर से Prime Minister Narendra Modi की तस्वीर हटाए जाने पर एसपी वैद ने कहा कि यह Pakistan की India और Prime Minister मोदी के प्रति घृणा को दर्शाता है. एससीओ सम्मेलन में Prime Minister मोदी से जिस तरह चीन के President शी जिनपिंग और रूस के President व्लादिमीर पुतिन ने गर्मजोशी से मुलाकात की, उससे India के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का पता चलता है. किसी तस्वीर से Prime Minister मोदी की तस्वीर हटाने से उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा पर कोई असर नहीं पड़ता. Prime Minister मोदी India की ओर से ही नहीं बल्कि व्यापक वैश्विक मुद्दों और मानवता से जुड़े विषयों पर भी बात करते हैं.
Pakistan में करीब 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को गिराए जाने के मामले पर पूर्व डीजीपी ने कहा कि यह वहां अल्पसंख्यकों की स्थिति को दर्शाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि India में किसी अल्पसंख्यक धार्मिक स्थल के साथ ऐसी घटना होती तो अंतरराष्ट्रीय मीडिया में व्यापक चर्चा होती, लेकिन Pakistan में ऐसी घटनाओं पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दिखाई देती. किसी मंदिर को गिराने से India की हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति समाप्त नहीं हो सकती. हिंदू संस्कृति ने लंबे समय से अनेक चुनौतियों का सामना किया है और वह आगे भी कायम रहेगी.
एससीओ सम्मेलन में Prime Minister मोदी द्वारा युद्ध को मानवता को पीछे ले जाने वाला बताने और रूस-यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने की अपील पर वैद ने Prime Minister के रुख का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पहले भी रूस के President पुतिन से बातचीत के दौरान युद्ध को समस्या का समाधान नहीं बताते रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध ने दोनों देशों और पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचाया है. युद्ध से जान-माल के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है. Prime Minister की शांति की अपील को रूस और यूक्रेन दोनों को गंभीरता से लेना चाहिए.
सिंधु जल संधि के संदर्भ में Pakistan के Prime Minister शहबाज शरीफ की टिप्पणी पर एसपी वैद ने कहा कि India पानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर रहा है. उन्होंने Pakistan पर आतंकवाद को कथित तौर पर राज्य नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. वैद ने कहा कि Pakistan को आतंकवाद रोकना चाहिए और India के साथ संबंध सामान्य करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए.
Prime Minister मोदी द्वारा एससीओ मंच से आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिए जाने पर वैद ने कहा कि सम्मेलन के साझा बयान में भी आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई. उन्होंने इसे Pakistan के लिए संदेश बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होना चाहिए. अफगानिस्तान में शांति और क्षेत्रीय स्थिरता की जरूरत पर भी Prime Minister मोदी के विचारों का उन्होंने समर्थन किया.
India की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ पर एसपी वैद ने कहा कि यह केवल India का दावा नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के आंकड़ों से भी इसे समर्थन मिलता है. पश्चिम एशिया में संघर्ष, यूक्रेन-रूस युद्ध, महंगाई, तेल की कीमतों और सप्लाई चेन में व्यवधान जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद India की अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन महत्वपूर्ण है. वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच India की यह वृद्धि देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है और इसके लिए देशवासी बधाई के पात्र हैं.
दिल्ली में चलती बस में नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना पर पूर्व डीजीपी ने इसे बेहद गंभीर और शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता रहा है और ऐसी घटनाओं के खिलाफ कानून का सख्ती से इस्तेमाल होना चाहिए. महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है. दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया.
महिलाओं को लेकर एक मुस्लिम धर्मगुरु की कथित विवादित टिप्पणी पर एसपी वैद ने कहा कि महिलाओं को घर तक सीमित करना किसी समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी विशेष पहनावे या समुदाय से नहीं, बल्कि अपराधी की मानसिकता से जुड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि महिलाएं देश के हर क्षेत्र में योगदान दे रही हैं और उन्हें सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की सोच स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए. India में महिलाओं की सामाजिक, Political, सैन्य और पेशेवर भागीदारी का लंबा इतिहास रहा है. उन्होंने महिलाओं के सम्मान और स्वतंत्र भागीदारी को भारतीय समाज के लिए आवश्यक बताया.
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/डीकेपी
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