
वाराणसी, 9 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग वोट बैंक के लिए समाज को जातीय आधार पर बांटने और विभाजन की राजनीति करने का प्रयास करते हैं, लेकिन जब दुर्दान्त माफिया और अपराधियों पर कार्रवाई की बात आती है तो इनकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है. वे मौन हो जाते हैं.
उन्होंने कहा कि भले ही उनके अपने परिवार का नुकसान हुआ हो, वे माफिया के सामने गिड़गिड़ाते हुए ही दिखाई दिए, लेकिन डबल इंजन की Government माफिया के सामने नहीं झुकती. अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा. खासकर बेटियों व महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं. जब महिला बिना डर घर से निकलेगी, तभी वह स्कूल, कॉलेज, नौकरी, कारोबार और सामाजिक जीवन में अपनी भागीदारी बढ़ा सकती है.
Chief Minister योगी आदित्यनाथ Wednesday को वाराणसी के पिंडरा विधानसभा में कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह आयोजन आधी आबादी के सम्मान और उसकी सामर्थ्य का अहसास कराने वाला है. महिलाओं की भागीदारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले बेटी को स्कूल भेजना हो तो परिवार को उसकी सुरक्षा की चिंता होती थी. घर में शौचालय न हो तो बेटी, बहन और मां के सम्मान की चिंता रहती थी. रसोई में धुआं हो तो स्वास्थ्य की चिंता, इलाज कराना हो तो पैसे की चिंता और घर चलाना हो तो आमदनी की चिंता होती थी. महिला घर से बाहर निकलकर कुछ करना चाहती थी तो उसके सामने रास्ते, कनेक्टिविटी, अवसर और उस अवसर तक पहुंचने की कीमत का सवाल खड़ा होता था. जब परिवार को सुरक्षा का भरोसा नहीं होता है तो सबसे पहले बेटी के सपनों पर रोक लगती है. भाजपा Government ने तय किया कि बेटी को पढ़ाना है, बढ़ाना है और सुरक्षा की चिंता भी समाप्त करनी है. हमने पहले डर हटाया, फिर बेटी को पढ़ाया, हुनर दिया और उसे रोजगार से जोड़ा.
पहले सवाल था कि बेटी घर से बाहर कैसे निकलेगी, आज सवाल यह है कि उसे जाना कहां तक है. अब कोई बेटी केवल इसलिए अपने सपनों को नहीं छोड़ेगी कि वह गरीब परिवार में पैदा हुई है. कोई महिला केवल पूंजी के अभाव में पीछे नहीं रहेगी और कोई परिवार अवसर के अभाव में विकास से दूर नहीं रहेगा. बेटी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं है. हमारी Government माफिया के सामने नहीं झुकती. महिलाओं की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं हो सकता.
उन्होंने आगे कहा कि महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Police बल में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ाई गई है. 2017 में करीब 10 हजार महिला Policeकर्मी थीं. आज यह संख्या 44 हजार हो गई है और नई भर्ती के बाद यह 50 हजार से अधिक हो जाएगी. मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं. महिला बीट Police अधिकारियों की तैनाती और इंटीग्रेटेड महिला बीट सिस्टम लागू किया गया है. 1090 और 181 जैसी व्यवस्थाओं को महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ा गया है.
सीएम योगी ने कहा कि बेटी-बहन के लिए रास्ते का अर्थ केवल सड़क नहीं है. स्कूल, अस्पताल, बाजार या कार्यस्थल तक पहुंचने के रास्ते उनके सपनों की मंजिल तक जाने के मार्ग हैं. Prime Minister जी के मार्गदर्शन में पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में हाईवे से एयरपोर्ट और रेलवे से मेट्रो तक कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार हुआ है. पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक जैसी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं ने आवागमन को आसान बनाया है.
Chief Minister ने कहा कि केंद्र व प्रदेश Government ने बेटी के जीवन के अलग-अलग चरणों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की हैं. ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, Prime Minister मातृ वंदना योजना और Chief Minister कन्या सुमंगला योजना इसी दिशा में प्रयास हैं. Chief Minister कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपए का पैकेज दिया जा रहा है. बेटी के विवाह योग्य होने पर Chief Minister सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से उसका विवाह कराया जा रहा है.
सीएम ने कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है. पहले ये विद्यालय कक्षा छह से आठ तक संचालित होते थे, अब इन्हें 12वीं तक चलाने की दिशा में काम हो रहा है. अटल आवासीय विद्यालयों में बेटियों के लिए आधी सीटें रखी गई हैं. सैनिक स्कूलों में भी बेटियों के लिए अवसर बढ़ाए गए हैं. बेटियों व युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन देने की योजना भी आगे बढ़ाई गई है. जल्द ही स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से जोड़ने की तैयारी है.
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल शिक्षा व सुरक्षा तक सीमित नहीं है. आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना भी उतना ही जरूरी है. Government स्किल डेवलपमेंट मिशन, Chief Minister युवा उद्यमी योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से बेटियों को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही है. ‘ सीएम योगी ने कहा कि Prime Minister मोदी के विजन के अनुरूप स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बीसी सखी जैसी पहलों को आगे बढ़ाया जा रहा है. बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर, सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर, काशी मिल्क प्रोड्यूसर, बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर जैसी पहलों से चार लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन का उदाहरण पेश कर रही हैं. ओडीओपी ने प्रदेश के परंपरागत उद्योगों को नई पहचान दी है.
Chief Minister ने कहा कि प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है. Government का लक्ष्य है कि आधी आबादी को उसकी जनसंख्या के अनुपात में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिनिधित्व मिले. उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं और इनमें लगभग आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं. महिलाएं अब केवल रोजगार पाने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बन रही हैं.
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने बाबा विश्वनाथ की पावन धरती काशी को वैश्विक पहचान दी है. 12 वर्षों में काशी में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो चालू स्थिति में हैं या पूरी होने वाली हैं. काशी की माताओं, नौजवानों और कारीगरों ने इस दौरान नई ऊंचाइयां हासिल की हैं. Prime Minister आवास योजना, आयुष्मान India और घरौनी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सम्मान व अधिकार मिला है.
देश में करीब 3 करोड़ घरौनियां वितरित हुई हैं, इनमें 1 करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश में हैं. इन घरौनियों में महिलाओं को मालिकाना अधिकार दिया गया है. वैश्विक स्तर पर जब किसी राजनेता की चर्चा होती है तो उसमें Prime Minister Narendra Modi का नाम सबसे पहले लिया जाता है.
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विकेटी/डीकेपी
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