‘वोट चोरी रैली’ में शामिल नहीं होने पर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारी निलंबित

Bhopal , 3 नवंबर . दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट चोरी रैली’ में शामिल नहीं होने पर Madhya Pradesh युवा कांग्रेस ने संगठन के कई पदाधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. प्रदेश युवा कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना और संगठनात्मक अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव समेत कई पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

कांग्रेस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी रैली’ आयोजित की गई थी. इस रैली में शामिल होने के लिए संगठन के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए थे. हालांकि, रैली में अनुपस्थित रहने पर Madhya Pradesh युवा कांग्रेस ने संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.

3 नवंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश के मुताबिक, संबंधित पदाधिकारियों का निलंबन आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा. संगठन ने इस कार्रवाई के पीछे राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन नहीं करने और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने में विफल रहने को आधार बताया है.

गौरतलब है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली आयोजित की गई थी. इसमें कांग्रेस, Samajwadi Party, तृणमूल कांग्रेस और Jharkhand मुक्ति मोर्चा समेत गठबंधन के कई घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था.

रैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र Government और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए लोकतंत्र की रक्षा, मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया था. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि देश का Prime Minister India की जनता चुनती है और यह आंदोलन केवल एक रैली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी जारी रहेगा.

Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने रैली को लोकतंत्र और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए मताधिकार की रक्षा के लिए आयोजित बताया था. वहीं, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी चुनाव आयोग और केंद्र Government पर सवाल उठाए थे. Jharkhand मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माजी ने कहा था कि इंडी गठबंधन लोकतांत्रिक तरीके से हर संभव प्रयास कर रहा है. गठबंधन Government से मांग कर रहा है कि जनता को न्याय मिले और उसकी आवाज सुनी जाए. विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को Government तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

अब रैली में शामिल नहीं होने को लेकर Madhya Pradesh युवा कांग्रेस की इस कार्रवाई को संगठन के भीतर अनुशासन सुनिश्चित करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है.

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डीएससी