
New Delhi, 2 नवंबर . राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और Jharkhand मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता मनोज पांडे ने रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और कहा कि यह सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि नाइंसाफी और बेईमानी का पूरा आर्किटेक्चर है. वहीं मनोज पांडे ने रैली को फ्लॉप बताने वालों को सिरफिरा करार दिया.
मनोज झा ने कहा, “ये सिर्फ वोट चोरी नहीं है, बल्कि नाइंसाफी और बेईमानी का एक आर्किटेक्चर खड़ा किया गया है, जिसके प्रतीक पुरुष हैं ज्ञानेश कुमार और जिनकी डोर India Government के सबसे शीर्ष स्तर के दो नेताओं के हाथ में है. रैली ने एक संदेश दिया है. इस संदेश को सुनकर मैं समझता हूं कि ज्ञानेश कुमार को स्वयं कहना चाहिए, ‘मैं छोड़ता हूँ.’ अन्यथा लोकतंत्र अपने आप को बचाने के लिए और कई विकल्पों को तलाश सकता है.”
उन्होंने कहा कि वे अराजकता की बात करते हैं. अराजकता क्या होती है? छात्र अपने हित की बात करें, क्या वह अराजकता है? लोग एक ईमानदार व्यवस्था चाहते हैं. क्या यह अराजकता है? सवाल पूछे जाएं, क्या वह अराजकता है?
राज्यसभा सांसद ने कहा कि मैं नूरा-कुश्ती में नहीं जाना चाहता. जदयू की स्थिति के बारे में मैं कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तार से बोल चुका हूं. अब परीक्षा सभापति महोदय की है कि सभापति महोदय पंच परमेश्वर की भूमिका निभाएंगे या नहीं.
झामुमो नेता मनोज पांडे ने कहा कि भाजपा सिरफिरों की टोली है. कल की जो रैली और प्रदर्शन थे, वे अभूतपूर्व थे. मैंने देखा कि कुछ लोग एआई से कुछ बनाकर उसे ट्रोल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह तो फ्लॉप हो गया. अगर आप ऐसा बोल रहे हैं, तो आपको इलाज की जरूरत है. हम आपका इलाज भी करा देंगे, लेकिन हास्यास्पद बातें बोलकर आप खुद हास्य का पात्र मत बनिए.
उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र है. प्रदर्शन और आंदोलन सबका अधिकार है. पूरे देश और विदेश ने देखा कि कल जो जनसैलाब आया, वह बहुत शांतिपूर्ण था. यहां तक कि व्यापारियों के तमाम प्रतिष्ठान खुले हुए थे. जब यह देखकर केंद्र Government ने खुद अपने Policeकर्मी लगाकर उन्हें बंद करवाया, तो यह उनकी हताशा और निराशा को साफ दर्शाता है.
झामुमो नेता ने कहा कि पंजाब चुनाव सामने हैं. वहां भाजपा एक खाता भी खोल लें, तो बहुत है. किसान आंदोलन में पगड़ी उछाली गई, सिखों को बर्बरतापूर्वक पीटा गया था. आज ये लोग सिखों की बात करते हैं. यह इनकी संकीर्ण मानसिकता है. ये ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चलते हैं, जिसे अंग्रेज छोड़ गए थे.
उन्होंने कहा कि एक राहुल गांधी के पीछे इनके तमाम नेता, कार्यकर्ता और प्रवक्ता सैकड़ों की संख्या में लगे रहते हैं, और एक व्यक्ति अकेला राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें चुनौती देता है. सवाल उठाना उनका काम है.
मनोज पांडे ने कहा कि यदि निष्पक्ष चुनाव हो जाए, तो आज भी ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में Government बना लेंगी. उन्हें कैसे हराया गया, यह सभी ने देखा. 29 लाख वोट काट दिए गए. पूरे बंगाल को 56 इंच की राजनीति में तब्दील कर दिया गया.
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एएस
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