
New Delhi, 7 अक्टूबर . चंडीगढ़ में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद Haryana के पूर्व Chief Minister भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने Government के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. हुड्डा ने कहा कि वोटों की कटौती और किसानों की अनदेखी को लेकर गठबंधन के सभी दल एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे. उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 1 नवंबर को बड़ी रैली के साथ-साथ मंडियों में जाकर किसानों की समस्याएं उठाई जाएंगी, जबकि गठबंधन के सहयोगी दलों ने लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया है.
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए Haryana के पूर्व Chief Minister भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “फाइनल ड्राफ्ट आने के बाद हम विस्तृत जानकारी देंगे. हम उनसे ब्योरा मांग रहे हैं कि कितने वोट काटे गए हैं और कितने जोड़े गए हैं. सभी जिला मुख्यालयों पर हम जाएंगे और वहां इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दल एक साथ समर्थन करेंगे. आगे की रणनीति पर चर्चा हुई है. कल जो फैसला हुआ था, उसके तहत हमारा प्रदर्शन होगा और उसके बाद भी हमारा आंदोलन एकजुट होकर चलेगा.”
उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को रैली का आयोजन होगा. इस समय किसान काफी परेशान हैं, इसलिए हमने मंडियों में जाने का फैसला किया है. बाजरे और धान की खरीद नहीं हो रही है. स्थिति यह हो गई है कि जब हम मंडी में गए तो डिप्टी कमिश्नर भी वहां आए. मार्केट कमेटी की नमी मापने वाली मशीन 17 फीसदी नमी बता रही थी, जबकि फूड एंड सप्लाई विभाग की खरीद एजेंसी की मशीन 22 फीसदी दिखा रही थी, जिससे किसानों को परेशान किया जा रहा है.
एक अन्य नेता ने कहा कि गठबंधन की इस बैठक में सीपीआईएम और आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद थे. बैठक में चर्चा हुई कि हम सब मिलकर संविधान को बचाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़े पैमाने पर वोट काटे हैं और उनके दो सहयोगी आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और दूसरे आयुक्त विवेक जोशी ने भी इस पर आपत्ति जताई है कि वोट ज्यादा संख्या में काटे गए हैं.
उन्होंने कहा कि इससे देश के संविधान और लोगों के अधिकारों को भारी नुकसान हो रहा है और यह एक तरह से लोकतंत्र की हत्या है. हम चाहते हैं कि किसी भी वैध वोट को अवैध तरीके से न काटा जाए. यदि कोई वोट अवैध है तो उसे जरूर काटा जाना चाहिए, लेकिन बड़ी संख्या में वैध वोट काटे गए हैं, जिस पर चर्चा हुई है. इसके साथ ही आगे की रणनीति पर भी बात हुई है कि कैसे Haryana को दोबारा हुड्डा साहब के कार्यकाल की तरह नंबर वन बनाया जाए.
Haryana Government पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि Haryana अब काफी पिछड़ गया है. प्रदेश में अपराध बढ़ गया है, चोरी की वारदातें हो रही हैं और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. इन सभी पर रोक लगनी चाहिए, पहले ऐसी स्थिति नहीं थी.उन्होंने कहा कि आज Chief Minister सैनी Haryana से ज्यादा ध्यान पंजाब पर दे रहे हैं. हमारे यहां बड़ी संख्या में युवा नशे की चपेट में जा रहे हैं. पहले हमें अपना घर संभालना चाहिए. पंजाब में जो हो रहा है वह चिंता की बात है, वहां ध्यान देना ठीक है, लेकिन Chief Minister को Haryana पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि गांवों में भी हालात बहुत खराब हैं, बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है. युवाओं को रोजगार दिया जाना चाहिए. अभी Haryana में बाहर के लोग आकर रोजगार कर रहे हैं, जबकि Haryana के और गांव के बच्चों को अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे गलत संगत में न पड़ें.
विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि इसमें और भी दल शामिल होंगे. यह बैठक शॉर्ट नोटिस पर बुलाई गई थी, इसलिए अभी कुछ ही लोग पहुंचे हैं, लेकिन धीरे-धीरे बाकी सभी दल भी जुड़ेंगे और सब एकजुट हैं. हमारा मकसद देश को बचाना और Haryana को आगे ले जाना है.
उन्होंने कहा कि हम यह नहीं कह रहे कि भाजपा सब कुछ खराब कर रही है, लेकिन भाजपा के राज में जनता परेशान है. विपक्ष में होने के नाते हमारा काम आपत्ति दर्ज कराना है. हम चाहते हैं कि देश और Haryana आगे बढ़े, लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, सभी को सुविधाएं मिलें, किसी के साथ अत्याचार न हो और किसी का वोट न कटे.
वहीं, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव प्रेमचंद ने कहा कि आज इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई है. इससे पहले 30 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर की बैठक हुई थी और उसी कड़ी में आज चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में यह बैठक आयोजित की गई. इसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस, India की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), सीपीआईएमएल और राष्ट्रीय जनता दल के नेता शामिल हुए.
प्रेमचंद ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि आज देश में लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है. हमारी संवैधानिक संस्थाएं आज भाजपा के अड्डे बन चुकी हैं. चाहे चुनाव आयोग हो, ईडी हो या सीबीआई, असहमति की हर आवाज को दबाने के लिए इन संस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. वोट चोरी का मामला अब एक बड़ा मुद्दा बन गया है, देशभर में 13 करोड़ से ज्यादा वोट काटे गए हैं.
उन्होंने आगे कहा कि Haryana में भी करीब 34 लाख वोट काटे गए हैं और ड्राफ्ट सूची में 44 लाख 92 हजार वोटों में सुधार के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है. इसमें नाम में सुधार या उम्र में अंतर जैसे कारण दिखाकर लगभग 78 लाख लोगों को परेशानी में डाला गया है, जो कोई छोटी बात नहीं है. इसमें से केवल 7 लाख मृत मतदाता हैं, जबकि बाकी वैध मतदाताओं के वोट काट दिए गए हैं, जो पूरी तरह गलत है.
सीपीआईएम नेता ने कहा कि हमारे संविधान की धारा 326 हर नागरिक को एक वोट का अधिकार देती है और आज उसी पर हमला किया जा रहा है. हम इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. इंडिया ब्लॉक की पार्टियों ने यह निर्णय लिया है कि लोकतंत्र को बचाने और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए हम सब मिलकर संघर्ष करेंगे और लड़ाई लड़ेंगे.
उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और एसआईआर को पूरी तरह से रद्द किया जाए. जिन वैध मतदाताओं के वोट काटे गए हैं, उनके वोटों को बहाल किया जाए. इन मांगों को लेकर हम पूरे प्रदेश में सभी जिलों में सभी पार्टियां मिलकर कल विरोध प्रदर्शन करेंगी और बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.
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डीकेपी
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