
New Delhi, 12 अक्टूबर . चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध तेज कर दिया है. Samajwadi Party, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने Supreme Court में याचिका दायर करने की जानकारी दी. विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मामले में न्यायालय से हस्तक्षेप करने की मांग की. वहीं, Mumbai में शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी कथित वोट चोरी के आरोप दोहराए.
Samajwadi Party के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के सभी नेताओं ने आज शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है. अखिलेश यादव, राहुल गांधी और पूरा इंडिया गठबंधन लोकतंत्र में उपलब्ध हर संभव रास्ते को अपनाकर चुनाव आयोग की कथित बेईमानी को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है. लोकतंत्र, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और नागरिकों के मतदान के अधिकार को बचाना जरूरी है. संसद इसी व्यवस्था का हिस्सा है. किसी भी देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है, इसका आकलन वहां के चुनाव आयोग की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और ईमानदारी से किया जा सकता है.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी राजा ने कहा कि उनकी पार्टी ने याचिका दायर की है. देशभर में लोग विरोध और आंदोलन कर रहे हैं. मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ देना चाहिए या उन्हें हटाया जाना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए Supreme Court से मामले पर विचार करने का आग्रह किया.
Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी Supreme Court में कहा कि गठबंधन के सभी सहयोगियों ने याचिका दायर की है. वहीं, कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करनी होगी. इस दौरान उन्होंने एसआईआर को रद्द करने की भी मांग की.
Mumbai में शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि विपक्ष President द्रौपदी मुर्मु को सभी दस्तावेज और सबूत सौंपेगा. उन्होंने दावा किया कि पूरे देश को कथित वोट चोरी के बारे में जानकारी है और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ठाकरे ने 2024 में बनी केंद्र Government पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि यह Government कथित वोट चोरी के जरिए सत्ता में आई.
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