वैशाली नाव हादसे में मासूमों की मौत के गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा : चिराग पासवान

हाजीपुर, 14 अक्टूबर . Union Minister और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान Wednesday को वैशाली पहुंचे और राघोपुर दियारा में हुए भीषण नाव हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. इस दौरान पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल था. परिजनों का दर्द देखकर चिराग पासवान भी भावुक हो गए. उन्होंने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि मासूम बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

चिराग पासवान ने कहा कि राघोपुर में हुई यह घटना बेहद दुखद है और इसने सभी को भीतर तक झकझोर दिया है. किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि इतनी कम उम्र के मासूम बच्चों को इस तरह अपनी जान गंवानी पड़ेगी. उन्होंने दिवंगत बच्चों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

Union Minister ने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि ग्रामीणों ने नाव बदलने की मांग की थी. हादसे में इस्तेमाल की गई नाव की क्षमता कम थी और उसे तत्काल बदलने की मांग की जा रही थी. इस संबंध में भी निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि सूर्यास्त के बाद इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को नाव से एक किनारे से दूसरे किनारे क्यों ले जाया जा रहा था. स्थानीय प्रशासन, अंचलाधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) से इस संबंध में जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि घटना के कारणों का पता चल सके.

चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि हादसे में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि लापरवाही चाहे प्रशासनिक स्तर पर हुई हो या किसी ने निजी लाभ के लिए नाव की क्षमता से अधिक बच्चों को उसमें बैठाया हो, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी ली जाएगी. साथ ही, इस गंभीर घटना को Chief Minister के संज्ञान में लाया जाएगा और Prime Minister को भी इसकी जानकारी दी जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

राघोपुर दियारा में हुए इस नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद इलाके में शोक का माहौल है. हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं और नाव की क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था तथा सूर्यास्त के बाद बच्चों के आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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एमएनपी/पीएम