‘वेलिगोंडा प्रोजेक्ट का विजन और विकास वाईएसआर का था’, वाईएसआरसीपी का सीएम नायडू पर हमला

अमरावती, 30 अगस्त . आंध्र प्रदेश के पूर्व Chief Minister और वाईएसआरसीपी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने वेलिगोंडा प्रोजेक्ट के लेकर Chief Minister चंद्रबाबू नायडू पर जमकर निशाना साधा. जगन मोहन रेड्डी ने Chief Minister नायडू पर वेलिगोंडा प्रोजेक्ट को हाईजेक करने का आरोप भी लगाया.

पूर्व Chief Minister ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि मेरे पिता का सपना, वेलिगोंडा प्रोजेक्ट, अब सच हो गया है. मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि मैं इस बड़े काम का हिस्सा बन सका, हमारी Government ने सबसे मुश्किल जुड़वां सुरंगों का काम पूरा किया और उन्हें देश को समर्पित किया, और अब उनमें कृष्णा नदी का पानी बह रहा है.

उन्होंने कहा कि वेलिगोंडा उन लाखों परिवारों के लिए जीवन रेखा है जो पीने के साफ पानी की कमी के कारण फ्लोरोसिस से जूझ रहे हैं, और उन किसानों के लिए भी जो लंबे समय से सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे थे. लेकिन वेलिगोंडा को लेकर चंद्रबाबू नायडू और उनके ‘येलो मीडिया’ (उनके समर्थक मीडिया) द्वारा चलाया जा रहा प्रचार अभियान हैरान करने वाला है. पिछले कुछ दिनों से हम जो देख रहे हैं, वह इस प्रोजेक्ट के इतिहास को बदलने और दूसरों के किए गए काम का श्रेय खुद लेने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है.

उन्होंने Chief Minister चंद्रबाबू नायडू को संबोधित करते हुए कहा कि गारू, वेलिगोंडा का इतिहास बिल्कुल साफ है: सिर्फ आधारशिला (नींव का पत्थर) आपने रखी थी. इस प्रोजेक्ट का विजन और इसका पूरा विकास वाईएसआर गारू का था. महत्वपूर्ण जुड़वां सुरंगों का काम हमारी Government के दौरान पूरा हुआ. आप जो कर रहे हैं, वह बस श्रेय चुराना है.

पूर्व Chief Minister ने कहा कि चंद्रबाबू गारू, आप और आपका समर्थक मीडिया इतिहास को कितना भी बदलने की कोशिश करें, सच्चाई नहीं बदली जा सकती. अपने मीडिया से अपनी तारीफ करवाने से सच नहीं छिप सकता. 1996 में, चुनावों से ठीक पहले, आपने जल्दबाजी में आधारशिला रखी और फिर प्रोजेक्ट को छोड़ दिया. आप 2004 तक, यानी अगले आठ साल तक सत्ता में रहे, लेकिन प्रोजेक्ट को एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाए. उन आठ सालों में, आपने सिर्फ 10 लाख रुपए खर्च किए. वह रकम भी सिर्फ आधारशिला समारोह और जनसभा के इंतजामों पर खर्च हुई थी. यह एक तथ्य ही वेलिगोंडा के प्रति आपकी प्रतिबद्धता की पोल खोलने के लिए काफी है.

उन्होंने कहा कि वाईएसआर गारू के Chief Minister बनने के बाद, उन्होंने ‘जलयज्ञम’ के तहत वेलिगोंडा प्रोजेक्ट को एक व्यापक रूप दिया. उन्होंने जुड़वां सुरंगों, नल्लामाला सागर जलाशय, तीन बांधों, फीडर चैनल और मुख्य नहरों के निर्माण का काम शुरू किया, जिससे यह प्रोजेक्ट हकीकत बन सका. वेलिगोंडा की जीवन रेखा इसकी 37.587 किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंगें हैं. इन सुरंगों के बिना, कृष्णा नदी का पानी प्रोजेक्ट तक नहीं पहुंच सकता. सुरंग की कुल लंबाई में से, 20.333 किलोमीटर का काम वाईएसआर गारू के समय शुरू हुए निर्माण के दौरान पूरा हुआ था. 2014 और 2019 के बीच आपके कार्यकाल में, सिर्फ 6.686 किलोमीटर का काम पूरा हुआ. आप एक भी सुरंग में ‘ब्रेकथ्रू’ (सुरंग के दोनों सिरों को जोड़ने का काम) हासिल नहीं कर पाए.

पूर्व Chief Minister ने कहा कि कोरोना महामारी और भारी आर्थिक तंगी के बावजूद, हमारी Government ने सुरंग बनाने का बचा हुआ और सबसे मुश्किल 10.568 किमी का काम पूरा किया. टनल-1 जनवरी 2021 में और टनल-2 जनवरी 2024 में पूरी हुई. 6 मार्च 2024 को हमने इन जुड़वां सुरंगों को देश को समर्पित किया. हमने हेड रेगुलेटर और नहरों को जोड़ने का काम भी हाथ में लिया और पानी ले जाने के लिए सिस्टम तैयार किया. तो फिर, आप यह दावा कैसे कर सकते हैं कि आपने पूरा प्रोजेक्ट बनाया? क्या बिना कोई खास योगदान दिए पूरा श्रेय लेने की आपकी कोशिश, श्रेय हड़पने की आपकी आदत वाली राजनीति का एक और उदाहरण नहीं है? सत्ता में लौटने के बाद, आपने इस पिछड़े इलाके के साथ दूसरे मामलों में भी बहुत अन्याय किया है.

उन्होंने कहा कि आप पेड्डाडोरनाला में 131 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को आगे बढ़ाने में क्यों नाकाम रहे, जिसका निर्माण हमारी Government ने शुरू किया था? आपने मरकापुरम में सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण क्यों रोक दिया, जिसे हमने इस पिछड़े इलाके के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए शुरू किया था? आप निजीकरण के नाम पर उस मेडिकल कॉलेज को अपने करीबी लोगों को क्यों सौंपने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सरकारी सेक्टर में पूरा और संचालित किया जाना चाहिए था? पिछड़े इलाकों के प्रति आपकी अनदेखी का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है?

रेड्डी ने कहा कि अगर हमने जुड़वां सुरंगों को 2024 में ही तैयार कर दिया था, तो आप विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का काम 26 महीनों में पूरा करने में क्यों नाकाम रहे? नल्लामाला सागर तक पानी क्यों नहीं पहुंचाया गया? सिंचाई और पीने के पानी का जो फायदा लोगों तक पहुंचना चाहिए था, उसमें आपने दो साल की देरी क्यों की? दूसरी ओर, विस्थापित परिवारों को पुनर्वास और पुनर्स्थापना पैकेज का पूरा भुगतान भी नहीं किया गया है. सैकड़ों परिवार पहले ही नाराजगी जाहिर कर रहे हैं कि उन्हें पुनर्वास पैकेज के तहत मिलने वाला मुआवजा नहीं मिला है, फिर भी उन पर अपने गांव खाली करने का दबाव डाला जा रहा है. उनकी शिकायत है कि उनके गांवों में बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं और पीने के पानी की सप्लाई भी रोक दी गई है.

उन्होंने कहा कि क्या आपको इन परेशानियों की कोई चिंता नहीं है? चंद्रबाबू गारू, दिखावे और प्रचार-प्रसार को छोड़िए. नल्लामाला सागर को भरिए. किसानों को सिंचाई के लिए पानी दीजिए. फ्लोराइड से प्रभावित इलाकों में पीने का साफ पानी पहुंचाइए. सरकारी सेक्टर में पेड्डाडोरनाला सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और मरकापुरम सरकारी मेडिकल कॉलेज का काम पूरा कीजिए. इस पिछड़े इलाके के लोगों को इसी की जरूरत है, न कि प्रचार या श्रेय लेने की कोशिशों की.

एमएस/