
तिरुचि, 30 अगस्त . विदुथलाई चिरुथिगल काची ( के) के अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमावलवन ने Sunday को सवाल उठाया कि क्या तमिलनाडु Government के पिछड़े वर्गों के कल्याण से जुड़े पॉलिसी नोट में बी.आर. अंबेडकर और ‘पेरियार’ ई.वी. रामासामी का जिक्र न करने के पीछे कोई छिपा हुआ मकसद था.
तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि इस चूक ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और उन्होंने संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों से उचित स्पष्टीकरण देने की मांग की.
उन्होंने कहा कि Government को इस बात की जांच करनी चाहिए कि यह चूक कैसे हुई और भविष्य के नीतिगत दस्तावेजों में ऐसी गलतियां न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए.
के नेता ने इस बात पर भी जोर दिया कि दलितों के प्रति तमिलनाडु Government की कई जिम्मेदारियां हैं, जिनमें उनकी सुरक्षा के उपायों को मजबूत करना और उनके कल्याण व सुरक्षा के लिए विशेष कानून पर विचार करना शामिल है.
थिरुमावलवन ने कहा कि उनकी पार्टी को उम्मीद है कि Government इन वादों को पूरा करेगी और वे प्रभावी कार्रवाई के लिए दबाव बनाना जारी रखेंगे.
Thursday को विधानसभा में पेश किए गए ‘पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग’ के 2026-27 के पॉलिसी नोट से पूर्व Prime Minister जवाहरलाल नेहरू, पेरियार, अंबेडकर और जस्टिस पार्टी का जिक्र गायब होने के बाद विवाद खड़ा हो गया.
पिछली डीएमके Government के पॉलिसी नोट में इन नेताओं और सामाजिक न्याय व आरक्षण आंदोलनों में उनके योगदान का प्रमुखता से जिक्र किया गया था. बताया जा रहा है कि ताजा दस्तावेज में ‘सामुदायिक सरकारी आदेश’, पेरियार के आंदोलनों, मंडल आयोग और केंद्र Government की नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की शुरुआत का भी जिक्र नहीं है.
डीएमके ने टीवीके Government पर तमिलनाडु के सामाजिक न्याय के इतिहास से अहम अध्यायों को जानबूझकर हटाने का आरोप लगाया. डीएमके की लीगल विंग के संयुक्त सचिव आई. परंथमन ने आरोप लगाया कि यह चूक उस राज्य के साथ ऐतिहासिक धोखा है, जिसे सामाजिक न्याय का गढ़ और दबे-कुचले समुदायों की मजबूत आवाज माना जाता है.
उन्होंने दावा किया कि जस्टिस पार्टी और सामाजिक न्याय के प्रमुख नेताओं के योगदान को एक सोची-समझी कोशिश के तहत हटा दिया गया था.
डीएमके ने टीवीके प्रशासन पर यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के समर्थन से सत्ता में आने के बावजूद, वह “शैडो भाजपा Government” की तरह काम कर रहा है.
आलोचना का जवाब देते हुए, पिछड़े वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपत कुमार ने इन कमियों की नैतिक जिम्मेदारी ली. उन्होंने अपनी गलती मानी और भरोसा दिलाया कि पॉलिसी नोट का सुधरा हुआ और नया वर्जन पब्लिश किया जाएगा.
थिरुमावलवन ने पूर्व Chief Minister एम.के. स्टालिन की सुरक्षा कम करने के फैसले की भी आलोचना की. इस कदम को गलत बताते हुए उन्होंने Government से डीएमके नेता को पहले दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था को बहाल करने की अपील की.
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ओपी/एएस
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