वीरमणि मामले पर बोले एमके स्टालिन- दोषी और मदद करने वाला कोई व्यक्ति कानून से नहीं बचना चाहिए

चेन्नई, 24 सितंबर . डीएमके अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister एमके स्टालिन ने नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के आरोप में जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि की गिरफ्तारी के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में वीरमणि के साथ उसकी मदद करने या उसे बचाने की कोशिश करने वाला कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर रहा हो, कानून से बचना नहीं चाहिए.

एमके स्टालिन ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि नाबालिग लड़कियों के साथ अमानवीय और घृणित कृत्य करने के आरोप में जेम वीरमणि को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि वीरमणि की मदद करने वाले और उसे बचाने की कोशिश करने वाले सभी लोगों को कानून के सामने लाया जाना चाहिए और उनके लिए अधिकतम सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए. स्टालिन ने कहा कि यही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का रुख है.

उन्होंने कहा कि एक Political आंदोलन के नेता, परिवार के मुखिया और एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में उनकी इच्छा है कि इस मामले का नतीजा ऐसा हो कि भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने के बारे में सोचने तक की हिम्मत न करे.

स्टालिन ने इस मामले को लेकर डीएमके पर लगाए जा रहे आरोपों की भी आलोचना की. उन्होंने दावा किया कि संकीर्ण Political हितों के कारण एक समूह इस मामले में बेवजह डीएमके के खिलाफ झूठे आरोप फैलाने की कोशिश कर रहा है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि वीरमणि मामले में किसी को बचाने के लिए डीएमके Government के दौरान कोई आदेश जारी नहीं किया गया था.

पूर्व Chief Minister ने कहा कि महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामलों में बिना किसी भेदभाव के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, चार्जशीट दाखिल की गई और दोषियों को सजा दिलाई गई.

उन्होंने कहा कि ये सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और डीएमके Government को किसी व्यक्ति को बचाने की कोई जरूरत नहीं थी.

स्टालिन ने मौजूदा टीवीके Government पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में विधायकों और जिला सचिवों समेत पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ महिलाओं की ओर से सार्वजनिक रूप से यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बावजूद कार्रवाई करने के बजाय समझौता कराने और मामले को बंद करने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं.

उन्होंने दावा किया कि डीएमके Government के दौरान इस तरह की घटनाएं नहीं हुईं.

स्टालिन ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से नाबालिग लड़कियों के साथ हुई घटना को उपचुनाव का Political हथियार नहीं बनाने की अपील की.

उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए डीएमके के खिलाफ पूरी तरह झूठे आरोप फैलाने बंद किए जाने चाहिए.

स्टालिन ने कहा कि इस पूरे मामले में सभी का एकमात्र उद्देश्य पीड़ित नाबालिग लड़कियों को न्याय दिलाना होना चाहिए और मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को उसके पद या Political हैसियत के आधार पर बचाया नहीं जाना चाहिए.

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एएमटी/डीकेपी