विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026: जेपी नड्डा ने सुरक्षित और स्वच्छ स्वास्थ्य सेवा का दिया मंत्र, मध्य प्रदेश के पीपीपी मॉडल को सराहा

New Delhi, 18 सितंबर . केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026 को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए. स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल हॉस्पिटल, New Delhi में ‘विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2026’ की झलकियां; इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पर जोर दिया. इस कार्यक्रम में ‘स्वच्छता ही सेवा’ की भावना दिखी, जिसमें स्वच्छता, साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव को रोगी की सुरक्षा के लिए जरूरी माना गया. ‘स्वच्छता ही सेवा’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए, आइए देखभाल के हर काम से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा संस्थानों और हर मरीज की सम्मानजनक देखभाल के प्रति हमारे सामूहिक संकल्प को मजबूत करें.”

इस मौके पर Union Minister जेपी नड्डा ने कहा कि मरीज की सुरक्षा ही स्वास्थ्य सेवा की नींव है. अस्पतालों में स्वच्छता, संक्रमण से बचाव और गुणवत्तापूर्ण इलाज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा है और इसी सोच के साथ सभी स्वास्थ्य संस्थानों को काम करना होगा.

इससे पहले एक पोस्ट में Madhya Pradesh में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति की जानकारी दी गई. पोस्ट में लिखा, “जेपी नड्डा ने Madhya Pradesh में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा की. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और पीपीपी मॉडल की सराहना की. Madhya Pradesh ने मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया. एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 6,120 हुई. राज्य ने मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए नए पीपीपी मॉडल को अपनाया. केंद्र और राज्य ने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण व किफायती स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.”

मंत्रालय के अनुसार, Madhya Pradesh ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है. राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या अब बढ़कर 6,120 हो गई है. इससे प्रदेश के युवाओं को डॉक्टर बनने के ज्यादा मौके मिलेंगे और राज्य में डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी.

एससीएच/डीकेपी