विशेष अभियान : स्वच्छता और ई-कचरा प्रबंधन पर डाक विभाग का फोकस, अभियान को मिली रफ्तार

New Delhi, 18 अक्टूबर . भारतीय डाक विभाग ‘विशेष अभियान 6’ की शेष अवधि के दौरान अपने प्रयासों को और तेज करेगा. इसका उद्देश्य निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करना, स्वच्छता बनाए रखना, ई-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना और जवाबदेह, कुशल तथा नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करना है.

‘विशेष अभियान 6’ पहल के तहत, विभाग ने 1,50,000 जन शिकायतों के समाधान, 1,500 अपीलों के निपटारे और देशभर में 1,35,000 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने के बड़े लक्ष्य तय किए हैं.

यह अभियान कुशल जन सेवा वितरण, जवाबदेह शासन और कार्यालय के टिकाऊ प्रबंधन की दिशा में विभाग द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाता है.

16 अक्टूबर तक, डाकघरों सहित 73,814 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए हैं, जो 1,35,000 स्थानों के कुल लक्ष्य का लगभग 55 प्रतिशत है.

संचार मंत्रालय के मुताबिक, “अभियान के 1,50,000 के लक्ष्य के मुकाबले कुल 1,00,214 जन शिकायतों का समाधान किया गया है, जो लक्ष्य का लगभग 67 प्रतिशत है. इसके अलावा, 1,500 के लक्ष्य के मुकाबले 764 अपीलों का निपटारा किया गया है, जो लक्ष्य का लगभग 51 प्रतिशत है.”

2 अक्टूबर 2026 से अब तक कुल 3,06,026 किलोग्राम कबाड़ का निपटान किया गया है, जिससे 67.56 लाख रुपए की कमाई हुई है.

वैज्ञानिक तरीके से ई-कचरा प्रबंधन पर इस अभियान के जोर के अनुरूप, 17,980 किलोग्राम ई-कचरे का निपटान किया गया है, जिससे 27.64 लाख रुपए की कमाई हुई. ये प्रयास पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जिम्मेदारी से संभालने और उनके निपटान के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.

पश्चिम बंगाल सर्कल में, विभागीय बढ़इयों और मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) ने कोलकाता स्थित ‘मेल मोटर सर्विस’ (एमएमएस) में सीनियर मैनेजर के कक्ष का नवीनीकरण किया. इसके लिए उन्होंने बेकार पड़ी लकड़ी का इस्तेमाल किया. यह पहल “कचरे से धन” की अवधारणा का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो दिखाती है कि कैसे बेकार पड़ी चीजों का रचनात्मक तरीके से दोबारा इस्तेमाल करके कार्यालय के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया जा सकता है.

नागरिकों पर केंद्रित अपनी पहलों के तहत, विभाग ने ‘डिजीपोस्ट’ नाम की एक ‘फिजिकल-डिजिटल’ मेल सेवा भी शुरू की है. इसके जरिए, Gujarat Police द्वारा जारी किए गए ट्रैफिक ई-चालान नागरिकों तक भौतिक रूप से (फिजिकल डिलीवरी के जरिए) पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम से भेजे जाते हैं.

यह पहल डाक नेटवर्क की उस क्षमता को दर्शाती है, जिसके जरिए वह अपनी व्यापक भौतिक पहुंच का उपयोग करके डिजिटल रूप से तैयार की गई नागरिक सेवाओं को लोगों तक पहुंचा सकता है.

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एएसएच/एबीएम