विवेक तिवारी हत्याकांड : मुख्य आरोपी प्रशांत चौधरी गैर इरादतन हत्या का दोषी करार, पत्नी ने बताया ‘अन्यायपूर्ण’

Lucknow, 17 सितंबर . बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी Policeकर्मी प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है. वहीं, मामले के दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को अदालत ने बरी कर दिया. अब कोर्ट 21 सितंबर को प्रशांत चौधरी की सजा पर फैसला सुनाएगी.

फैसले के बाद मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने नाराजगी जताते हुए इसे न्याय के बजाय अन्याय बताया. उन्होंने कहा कि परिवार इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगा.

कल्पना तिवारी ने कहा, “प्रशांत चौधरी एक प्रशिक्षित सिपाही था. ऐसे में गोली चलाने में गलती कैसे हो सकती है? मैं अपने बच्चों को क्या जवाब दूंगी?” उन्होंने कहा कि सुबह से परिवार की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी थीं और उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन जो फैसला आया है, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं.

उन्होंने दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बरी किए जाने पर भी सवाल उठाए. कल्पना ने कहा कि घटना के समय दोनों Policeकर्मी साथ मौजूद थे और दोनों की जिम्मेदारी समान थी. उनके अनुसार, उनके पति की गोली मारकर हत्या की गई थी, इसलिए दोनों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए थी.

यह मामला 30 सितंबर 2018 की रात का है. जानकारी के मुताबिक, 38 वर्षीय विवेक तिवारी, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, देर रात एक पार्टी से अपने एसयूवी वाहन से घर लौट रहे थे. उनके साथ उनकी पूर्व सहकर्मी सना सिद्दीकी भी मौजूद थीं, जो बाद में इस मामले की अहम गवाह बनीं.

अभियोजन के अनुसार, उस समय Policeकर्मी प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार गोमती नगर एक्सटेंशन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे. Police ने विवेक तिवारी के वाहन को रोकने का संकेत दिया, लेकिन वाहन तुरंत नहीं रुकने पर दोनों सिपाहियों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया.

आरोप है कि पीछा करने के दौरान प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी, जो विवेक तिवारी को लगी. गोली लगने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया. गंभीर रूप से घायल विवेक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

घटना के बाद व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला था. बढ़ते दबाव के बीच दोनों Policeकर्मियों को गिरफ्तार किया गया और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया.

मामले में दर्ज मुकदमे पर सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह की अदालत ने प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रखा. अब 21 सितंबर को अदालत दोषी Policeकर्मी की सजा का ऐलान करेगी.

एएमटी/एबीएम