विवेकानंद रेड्डी मर्डर केस: कडप्पा के सांसद अविनाश के पिता भास्कर रेड्डी ईडी के सामने पेश हुए

हैदराबाद, 13 अक्टूबर . आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए वाई.एस. रेड्डी Tuesday को Enforcement Directorate (ईडी) के सामने पेश हुए.

कडप्पा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी के पिता और मारे गए नेता के चचेरे भाई वाईएस रेड्डी हैदराबाद में ईडी के रीजनल ऑफिस में अधिकारियों के सामने पेश हुए. उन्हें फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेजों के साथ पेश होने के लिए कहा गया था.

रेड्डी इस मामले में छठे आरोपी हैं और उन्हें ईडी ने उस वक्त समन भेजा था, जब उनके बेटे अविनाश रेड्डी को पूछताछ के लिए पेश होना था. 2019 के मर्डर केस में आठवें आरोपी अविनाश रेड्डी पूर्व Chief Minister और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं.

मर्डर केस में Monday को पांचवें आरोपी देवीरेड्डी शिवा शंकर रेड्डी ईडी के सामने पेश हुए थे. ईडी अधिकारियों ने उनसे लगभग 11 घंटे तक पूछताछ की थी. पिछले कुछ दिनों में सेंट्रल एजेंसी ने इस मामले से जुड़े कथित फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के सिलसिले में येरा गांगी रेड्डी और अन्य आरोपियों से पूछताछ की है.

ईडी ने मर्डर की साजिश से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच के तहत उमा शंकर रेड्डी, सुनील यादव और शेख दस्तगीर (जो आरोपी से सरकारी गवाह बन गया है) से भी पूछताछ की है. पिछले महीने, ईडी ने सुनील यादव से पूछताछ की और उसका बयान दर्ज किया. खबरों के मुताबिक, इसी बयान के आधार पर गांगी रेड्डी और उमाशंकर रेड्डी से पूछताछ की गई.

ईडी की ओर से मर्डर से पहले हुए फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है. सीबीआई को शक है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए आरोपियों को 40 करोड़ रुपये की ‘सुपारी’ (कॉन्ट्रैक्ट) दी गई थी. ईडी की ओर से सीबीआई द्वारा दर्ज मामले और उसके द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई है.

पूर्व Chief Minister वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के भाई और पूर्व Chief Minister वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उनके घर पर हत्या कर दी गई थी. 68 वर्ष के पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व सांसद अपने घर पर अकेले थे, तभी कुछ अनजान लोग अंदर घुसे और उनकी हत्या कर दी.

सीबीआई ने 2020 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर जांच अपने हाथ में ली. कोर्ट विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिन्होंने कुछ रिश्तेदारों पर शक जताया था. जांच में तेजी लाते हुए, सीबीआई ने 2023 में रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया. एजेंसी ने 2021 में इस मामले में पहली चार्जशीट और 2022 व 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी.

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एसडी/पीएम