विमेंस एशिया कप के साथ भारत ने ‘एशियन गेम्स’ के लिए भी बेहतरीन तैयारी की: देवजीत सैकिया

New Delhi, 14 सितंबर . भारतीय टीम ने Sunday को Dubai में खेले गए ‘विमेंस एशिया कप 2026’ के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से रौंदकर रिकॉर्ड 8वीं बार खिताब जीता. ‘विमेन इन ब्लू’ के प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष देवजीत सैकिया बहुत खुश हैं. उनका मानना है कि इस टूर्नामेंट के साथ India ने एशियन गेम्स की शानदार तैयारी की है.

सैकिया ने Monday को पत्रकारों से कहा, “भारतीय महिला टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. India के सभी मैच एकतरफा रहे हैं. एशिया कप के साथ भारतीय टीम ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भी बेहतरीन तैयारी की है. मैं टीम और सपोर्ट स्टाफ को बधाई देता हूं. हमारी यही कोशिश रहेगी कि जीत के इस सिलसिले को जापान (एशियन गेम्स) तक ले जाएं.”

सैकिया ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलता का श्रेय बोर्ड के पूर्व सचिव जय शाह को देते हुए कहा, “जय शाह ने महिला क्रिकेट को बढ़ावा दिया है. आज के दौर में भारतीय महिला टीम हर टूर्नामेंट में चैंपियन बनने लगी है, इसका श्रेय जय शाह को जाता है. भारतीय टीम ने इंग्लैंड को उसकी सरजमीं पर मात दी. जब जय शाह बीसीसीआई के सचिव थे, उस समय विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) शुरू किया. इसके साथ ही समान वेतन को लाया गया. इन महत्वपूर्ण फैसलों का असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में नजर आता है.”

खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी नहीं ली. इस मामले पर देवजीत सैकिया ने कहा, “टूर्नामेंट जीतना बहुत अच्छी बात है, जबकि ट्रॉफी नहीं लेना दूसरी बात है. ट्रॉफी नहीं लेकर हमने कोई विवाद पैदा नहीं किया है. हमने इसके बारे में पहले ही बता दिया था. पहलगाम हमले के बाद जो कुछ हुआ, सभी को मालूम है. उस समय हमने अपनी बात साफ तौर पर रख दी थी और अपने रुख पर कायम रहे. हमने पहले ही बता दिया था कि पुरस्कार वितरण का जो तरीका तय किया गया था, वह हमें पसंद नहीं था. हमने उनके चेयरमैन को भी पहले से बता दिया था कि अगर पुरस्कार उसी तरीके से दिए जाएंगे, तो हम उसमें हिस्सा नहीं लेंगे. जब वे अपने फैसले पर कायम रहे, तो हमने भी ट्रॉफी नहीं ली. हालांकि, हम उसे बाद में ले सकते हैं.”

“यह फैसला पूरी तरह से बीसीसीआई का था. इस मुद्दे पर हमने आपस में चर्चा करके पहले ही अपना रुख तय कर लिया था और वही रुख आज भी कायम है. चाहे खिलाड़ी हों, टीम प्रबंधन हो या बीसीसीआई के अधिकारी, सभी की राय एक जैसी है. ऐसा नहीं है कि खिलाड़ियों का कोई अलग फैसला हो और बीसीसीआई का अलग. हम सभी का निर्णय एक ही है और बीसीसीआई की नीति के अनुसार ही सभी कदम उठाए जाते हैं.”

आरएसजी