
New Delhi, 17 अक्टूबर . बिहार भाजपा के नेताओं ने Saturday को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बड़े सुनियोजित ढंग से एक प्रोपेगैंडा चल रहा है. लोकतंत्र और संविधान को Political हितों की बलि पर चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.
विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर BJP MP संजय जायसवाल ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, “विपक्ष एसआईआर को लेकर पूरा आंदोलन खड़ा कर रहा है, लेकिन एक भी वोटर ऐसा सामने नहीं आया है जिसने कहा हो कि उसे कोई परेशानी हुई या उसके साथ न्याय हुआ. बिहार में भी चुनावों के एक साल बीतने के बाद भी एक व्यक्ति सामने नहीं आया, जो कह दे कि मेरे साथ अन्याय हुआ है.”
जायसवाल ने कहा कि एक झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है कि एसआईआर में गड़बड़ियां हुईं और इसी वजह से विपक्ष चुनाव हार गया. हालांकि, हमारे लिए एक अच्छी बात यह है कि राहुल गांधी कभी आत्म-चिंतन नहीं करते कि उनकी पार्टी बार-बार क्यों हार रही है. अगली बार जब वह चुनाव हारेंगे, तो शायद कह दें कि वह इसलिए हारे, क्योंकि आसमान नीला था और फिर हो सकता है कि आसमान के खिलाफ ही विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दें.
वहीं, भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, “एक बड़ी सुनियोजित ढंग से एक प्रोपेगैंडा चल रहा है. लोकतंत्र और संविधान को Political हितों की बलि पर चढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ऐसा हम होने नहीं देंगे. यह देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, सबसे सफल, सबसे पारदर्शी लोकतंत्र है.”
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की नौटंकी राहुल गांधी और उनकी टीम ने लगा रखी है, ‘रिजीम चेंज’ क्या होता है? ‘रेजिस्टेंस’ क्या होता है? अपने देश में अपने ही लोगों के खिलाफ में इस प्रकार सिर्फ आपका मकसद सत्ता में आना है.
पासवान ने कहा, ” सत्ता में आना है, तो उन्हें चुनाव लड़ना कर जनादेश प्राप्त करना होगा. पांच प्रांतों में चुनाव आने वाले हैं, लेकिन वहां तो आपने अध्यक्ष बदल दिया है. जो अपनी पार्टी के अंदर लोकतंत्र नहीं रख सकता है, देश में लोकतंत्र की उससे उम्मीद नहीं की जा सकती.”
उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए गुरु प्रकाश ने कहा, “राहुल गांधी आज की तारीख में एक अस्तित्ववादी संकट से गुजर रहे हैं. Samajwadi Party और उनके साथ गठबंधन जरूर है, लेकिन आज की तारीख में कांग्रेस पार्टी का इकबाल खत्म हो गया है. कांग्रेस पार्टी को कोई स्वीकार करने को तैयार नहीं है.”
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डीसीएच/
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