विधानसभा में ऐसा दुर्व्यवहार कभी नहीं देखा: पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा

चंडीगढ़, 2 सितंबर . Haryana के पूर्व Chief Minister भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने Wednesday को कहा कि अपने पूरे Political जीवन में उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हुए जैसा दुर्व्यवहार कभी नहीं देखा.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मीडिया से कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) Government ने वरिष्ठ विधायकों के साथ भी जिस तरह का तानाशाही रवैया अपनाया, वह विधानसभा के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज होगा. शांतिपूर्ण विरोध कर रहे विधायकों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई, बल्कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि यह कार्रवाई किसके आदेश पर की गई.”

विपक्ष के नेता हुड्डा ने आरोप लगाया कि पूरे सत्र के दौरान भाजपा Government केवल झूठ बोलती रही और सदन को गुमराह करती रही.

उन्होंने कहा, “Government विपक्ष के किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई और अपने ही झूठ के जाल में फंसती नजर आई.”

हुड्डा ने कहा कि उन्होंने कौशल निगम और सफाई कर्मचारियों को लेकर Government द्वारा किए गए दावों की सच्चाई तथ्यों और आंकड़ों के जरिए सामने रखी.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान कौशल कर्मचारियों से झूठे वादे करके वोट हासिल किए और उन्हें सेवानिवृत्ति तक नौकरी नियमित करने का वादा किया था.

हुड्डा ने कहा, “अब जब कांग्रेस भाजपा से अपना चुनावी वादा पूरा करने की मांग कर रही है तो Chief Minister स्वयं सदन में कह चुके हैं कि कौशल निगम केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था है और इसके तहत काम करने वाले कर्मचारियों को कभी भी नौकरी से हटाया जा सकता है. Chief Minister ने स्वीकार किया कि यह स्थायी रोजगार नहीं है और इसमें नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं है. इस तरह Government ने खुद ही सदन के माध्यम से अपना झूठ पूरे प्रदेश के सामने उजागर कर दिया है.”

दो बार Chief Minister रह चुके हुड्डा ने कहा कि आज कौशल कर्मचारियों की स्थिति ऐसी हो गई है कि वे न तो पूरी तरह बेरोजगार हैं और न ही नियमित वेतनभोगी कर्मचारी.

उन्होंने कहा, “उन्हें दिहाड़ी मजदूरों जैसी स्थिति में पहुंचा दिया गया है. ये युवा कौशल कर्मचारी मजबूर हैं और लगातार शोषण का सामना कर रहे हैं.”

हुड्डा ने कहा कि एक मंत्री ने सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर भी गलत जानकारी दी.

उन्होंने कहा, “मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की जा सकतीं और दो साल के भीतर उनकी सेवाएं नियमित करने की कोई नीति नहीं बनाई जा सकती. उन्होंने यह भी गलत दावा किया कि कांग्रेस ने केवल उन कर्मचारियों को नियमित करने की नीति बनाई थी, जिन्होंने 10 साल की सेवा पूरी कर ली थी.”

संबंधित सरकारी अधिसूचनाएं दिखाते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस Government के दौरान 16 जून 2014 और 18 जून 2014 को दो नीतियां बनाई गई थीं, जिनके तहत तीन साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया गया था.

उन्होंने कहा, “इन नीतियों को हाई कोर्ट से लेकर Supreme Court तक ने सही ठहराया था. इसके विपरीत भाजपा Government ने इन नीतियों के तहत नियुक्त कर्मचारियों को हटाने और उनकी सेवाएं नियमित होने से रोकने की हर संभव कोशिश की.”

हुड्डा ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस ऐसी नीति बना सकती थी तो भाजपा Government सफाई कर्मचारियों के लिए वैसी नीति क्यों नहीं बना सकती.

उन्होंने आरोप लगाया, “क्योंकि यह Government गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के खिलाफ है. यह उनके हित में कोई फैसला लेना ही नहीं चाहती.”

हुड्डा ने कहा कि पूरे राज्य में संविदा कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा है.

उन्होंने कहा, “Government द्वारा सफाई कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने के कारण पूरे प्रदेश में कूड़े के ढेर लग गए हैं. कांग्रेस Government के दौरान 11,000 ग्रामीण और 14,000 शहरी सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन भाजपा Government ने आज तक उन्हें नियमित नहीं किया.”

उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस की ओर से मांग करते हैं कि इन कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव विधानसभा में लाया जाए. विपक्ष में होने के बावजूद हम इसका समर्थन करेंगे.”

एएमटी/डीकेपी