
New Delhi, 31 अगस्त . राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु Monday को नई दिल्ली में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के 18 परिसरों के संयुक्त दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं.
इस अवसर पर President द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि वस्त्र और परिधान क्षेत्र केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का अंग नहीं है, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आजीविका का भी आधार रहा है. यदि पारंपरिक कारीगरों को सहयोग और मार्गदर्शन मिले तो उससे उनकी आने वाली पीढ़ियों को भी गर्व और विश्वास के साथ इस व्यवसाय से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की है कि विभिन्न निफ्ट केंद्रों ने ‘क्राफ्ट क्लस्टर पहल’ जैसे कार्यक्रमों को लागू किया है, जिनके माध्यम से उनके संबंधित क्षेत्रों के बुनकरों और कारीगरों को वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है तथा बाजारों से जोड़ा जा रहा है.
President ने कहा कि आज हमारा देश पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ विश्व पटल पर अपनी भूमिका को विस्तार दे रहा है. फैशन टेक्नोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें विश्व स्तर पर India की भूमिका बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं. उन्होंने कहा कि इस प्रयास में सभी विद्यार्थी स्मरण रखें कि उनकी सोच वैश्विक हो, लेकिन उनकी जड़ें अपनी मिट्टी और देश के सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी हों. इस तरह वे न केवल सफल पेशेवर बनेंगे, बल्कि India की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी अपना योगदान दे सकेंगे.
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उत्पाद और ब्रांड बनाने चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पर्यावरण के अनुकूल हों. उन्होंने कहा कि अपने उत्पादों के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध कच्चे माल का प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा. बचे हुए अंश को बेकार समझकर फेंकना नहीं चाहिए; बल्कि उसे नया रूप, नई उपयोगिता और नया मूल्य दिया जा सकता है.
उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि निफ्ट के नीति-निर्माताओं ने संधारणीयता और सामाजिक दायित्व को संस्थान की कार्ययोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया है. उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि निफ्ट वस्त्र और परिधान के क्षेत्र में संघारणीय भविष्य के अपने प्रयासों के अंतर्गत सर्कुलर इकोनॉमी की विधाओं को व्यापक और लाभदायक बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा.
President ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित India के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभाशाली युवा विद्यार्थियों से देश को बहुत अपेक्षाएं हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे समाज के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया जिसमें प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की प्रगति में योगदान करने का उचित अवसर मिल सके. उन्होंने कहा कि उनकी सफलता इस बात में निहित है कि उनके प्रयासों से किसी शिल्पकार को अपने शिल्प की मूल पहचान को बनाये रखते हुए अपनी उत्पादकता और आय बढ़ाने में कितनी सहायता मिलती है.
–
डीकेपी/
Skip to content