विदेश मंत्री जयशंकर यूएई दौरे पर, व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की करेंगे समीक्षा

New Delhi, 14 अक्टूबर . विदेश मंत्री एस जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. विदेश मंत्रालय ने Wednesday शाम को इसकी जानकारी दी.

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, “यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक कर भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे. विदेश मंत्री अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट के दूसरे संस्करण में चर्चा में भी भाग लेंगे.”

विदेश मंत्री जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में चल रहे संघर्ष और यमन में सऊदी अरब और हूतियों के बीच तेज हुए टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.

Sunday को Dubai में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने बताया था कि रास अल खैमा तट के पास कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 में हुए हादसे के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है.

भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर कहा था, “वाणिज्य दूतावास को रास अल खैमा तट के पास एमटी जेम नंबर 2 जहाज से जुड़ी एक घटना के बारे में पता चला है, जिसमें 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. सभी चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं. वाणिज्य दूतावास यूएई अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता और सहयोग प्रदान कर रहा है.”

फ्लाईDubai की फ्लाइट एफजेड1073 के बहादुर भारतीय पायलट स्मित मच्छर, जिन्होंने फ्लाईDubai विमान में हमलावर सह-पायलट से लड़कर विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाई, वर्तमान में अबू धाबी के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.

पिछले हफ्ते, मध्य पूर्व संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण अमेरिका से पिछड़ने के बाद यूएई एक बार फिर India का प्रमुख एलपीजी आपूर्तिकर्ता बन गया है.

समुद्री खुफिया फर्म केप्लर द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में India के एलपीजी आयात में यूएई की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने 13 प्रतिशत थी. इसने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया, जो पिछले छह महीनों से खाना पकाने की गैस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था.

यूएई ने 5,47,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की, जो अगस्त में 1,93,000 टन से 182 प्रतिशत अधिक है, जबकि अमेरिका दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा क्योंकि इसका शिपमेंट अगस्त में 3,23,000 टन से 58 प्रतिशत गिर गया. जबकि अगस्त में India के कुल एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत थी, सितंबर में यह गिरकर 23 प्रतिशत रह गई.

India अपनी एलपीजी जरूरतों का 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत पहले होर्मुज के रास्ते खाड़ी देशों से आता था.

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डीएससी