
New Delhi, 27 अगस्त . India में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के प्रयासों का असर लगातार दिखाई दे रहा है. एक आधिकारिक फैक्टशीट में Thursday को कहा गया कि देश का वित्तीय समावेशन सूचकांक वर्ष 2018 के 53.9 के स्तर से बढ़कर वर्ष 2026 में 67 पर पहुंच गया है, जो यह दर्शाती है कि देश में ऋण, बीमा, बचत और डिजिटल भुगतान जैसी औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है.
इस प्रगति में Prime Minister जन धन योजना (पीएम-जेडीवाई) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. योजना के तहत खोले गए बैंक खातों की संख्या वर्ष 2015 की तुलना में लगभग चार गुना बढ़कर 59.09 करोड़ हो गई है. वहीं इन खातों में जमा राशि करीब 20 गुना बढ़कर 3,16,514 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है.
आंकड़ों के अनुसार, जन धन खातों में से 45.95 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं, जबकि 13.14 करोड़ खाते शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में खोले गए हैं. इससे स्पष्ट है कि बैंकिंग सेवाओं का विस्तार देश के दूरदराज और आर्थिक रूप से कम विकसित क्षेत्रों तक भी प्रभावी रूप से हुआ है.
महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ी है. 19 अगस्त 2026 तक जन धन योजना के तहत 32.92 करोड़ महिला लाभार्थी पंजीकृत थीं. महिला खाताधारकों की संख्या में लगातार वृद्धि इस बात का संकेत है कि योजना महिलाओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
जन धन खातों में जमा राशि मार्च 2015 के 15,670 करोड़ रुपए से बढ़कर 19 अगस्त 2026 तक 3,16,514 करोड़ रुपए हो गई है. यह वृद्धि निम्न आय वर्ग के परिवारों में बचत की बढ़ती प्रवृत्ति, औपचारिक बैंकिंग प्रणाली पर बढ़ते भरोसे और वित्तीय सेवाओं के व्यापक उपयोग को दर्शाती है.
डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए जन धन खाताधारकों को रुपे डेबिट कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं. अब तक 41.29 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनका उपयोग देशभर के एटीएम और अधिकांश पॉइंट ऑफ सेल मशीनों पर किया जा सकता है, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है.
Prime Minister जन धन योजना की शुरुआत में लक्ष्य प्रत्येक परिवार को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना था. बाद में इसका दायरा बढ़ाकर प्रत्येक ऐसे वयस्क तक पहुंचाया गया, जिसके पास बैंक खाता नहीं था. इस बदलाव से वित्तीय समावेशन का दायरा और व्यापक हुआ.
यह योजना केवल बैंक खाता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से लाभार्थियों को बुनियादी बैंकिंग सेवाएं, जरूरत के आधार पर लोन, धन प्रेषण, बीमा और पेंशन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं. विशेष रूप से निम्न आय और वंचित वर्गों के लिए यह योजना औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है.
फैक्टशीट के मुताबिक, जन धन खाताधारक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), Prime Minister जीवन ज्योति बीमा योजना, Prime Minister सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और मुद्रा योजना जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं.
इसके अलावा, प्रत्येक परिवार के एक पात्र जन धन खाताधारक को खाते के संतोषजनक संचालन के छह महीने बाद 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी उपलब्ध है. इससे जरूरत के समय छोटे वित्तीय समर्थन की सुविधा मिलती है.
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डीबीपी
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